Saturday, 8 August 2026
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मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के अंतिम संस्कार पर बवाल:परिवार बोला- सदस्य की तरह था, अनुमति लेकर किया; स्थानीय बोले-यह धार्मिक परंपराओं के खिलाफ

INT News8 August 2026 at 09:29 am

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार को मुक्तिधाम में उस वक्त बवाल मच गया, जब इंसानों की तरह एक पालतू कुत्ते का दाह-संस्कार कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने इस पर आपत्ति करते हुए जमकर बवाल मचाया। जिसके चलते विवाद की स्थिति बन गई। पार्षद की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया गया। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार का पालतू डॉग की मौत हो गई थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह उनके लिए केवल पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था। इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते वे उसे अंतिम विदाई देने के लिए तोरवा मुक्तिधाम ले गए, जहां अनुमति लेकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका दाह-संस्कार किया गया। जबकि स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यहां किसी पशु का दाह-संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है। देखिए पहले ये तस्वीरें- स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति इधर मामले की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग, हिंदू संगठन और वार्ड नंबर 41 के पार्षद मोती गंगवानी मुक्तिधाम पहुंचे। उन्होंने दाह-संस्कार का विरोध किया। उनका कहना था कि मुक्तिधाम इंसानों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित और पवित्र स्थल है। यहां किसी पशु का दाह-संस्कार करना धार्मिक परंपराओं और जनभावनाओं के खिलाफ है। पार्षद ने थाने में दी लिखित शिकायत पार्षद मोती गंगवानी ने मामले को लेकर पुलिस में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंसानों के लिए निर्धारित मुक्तिधाम में जानवर का दाह-संस्कार किया गया, जो धार्मिक परंपरा और आस्था का अपमान है। उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है। मालिक बोला- किसी की भावना आहत करना मकसद नहीं वहीं, कुत्ते के मालिक का कहना है कि वह उनके परिवार का सदस्य था। उसकी मौत से पूरा परिवार बेहद दुखी था। इसी वजह से उन्होंने सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। केयरटेकर पर 2 हजार लेकर अनुमति देने का आरोप स्थानीय लोगों ने मुक्तिधाम के केयरटेकर पर 2 हजार रुपए लेकर कुत्ते के दाह-संस्कार की अनुमति देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसके लिए नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। लोगों ने मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग की ASP बोले- पुलिस हस्तक्षेप का मामला नहीं मामले में तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, एडिशनल एसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। परिवार के लोग उससे काफी लगाव रखते थे, इसलिए उसे अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम ले गए और विधि-विधान से दाह-संस्कार किया। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों और स्थानीय संगठनों ने मौके पर पहुंचकर आपत्ति जताई और विरोध किया। फिलहाल मामला पुलिस के हस्तक्षेप का नहीं है, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ……………… यह खबर भी पढ़िए… 3 ग्रामीणों को मारने वाली मादा भालू की मौत: दूसरा भालू गांव पहुंचा, घरों के दरवाजे तोड़े; स्कूल बंद, लोग बोले- जान को खतरा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 3 ग्रामीणों की जान लेने वाली मादा भालू की मौत हो गई। 5 अगस्त को लारगांव मरकाटोला में मादा भालू ने खेत में काम कर रहे ग्रामीणों पर हमला कर दिया था और फिर उनके शवों को करीब 5 घंटे तक नोचती रही। इस घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने भालू को डंडे से पीटा था। पढ़ें पूरी खबर…