entertainment
‘तू सांवल फूल कस्तूरी…’ मर्द की खूबसूरती पर लिखा वो गीत, जो इंस्टाग्राम पर मचा रहा धूम; लोकगीत से ट्रेंडिंग ऑडियो तक की पूरी कहानी

एक पुराने लोकगीत की नई वायरल कहानी
इंस्टाग्राम पर इन दिनों ‘तू सांवल फूल कस्तूरी’ का ऑडियो खूब सुनाई दे रहा है. यह कोई नया गाना नहीं, बल्कि पाकिस्तान के सराइकी लोकगीत ‘ छलरे छलरे वाल ’ से जुड़ा है. इस गाने में एक लड़की जिससे वो प्यार करती है उसकी खूबसूरती के बारे में बता रही है. 2026 में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा ने इसी गाने को गाते हुए एक वीडियो बनाया जिससे ये सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों की नजर में आया. इसके बाद इसके कई lo-fi और नए वर्जन सामने आए. कुछ लोगों को इसकी मेलोडी सुनकर 90 के दशक का बॉलीवुड गीत “ना कजरे की धार” याद आ जाएगा.
View on Instagram
पहले जानिए असली गाना
जिस ऑडियो को आज लोग ‘तू सांवल फूल कस्तूरी’ के नाम से खोज रहे हैं, उसका मूल लोकप्रिय गीत ‘छलरे छलरे वाल’ है. इसे दिग्गज लोक गायक शफाउल्लाह खान रोखड़ी ने अपनी आवाज दी थी और इसके बोल भी उन्होंने ही लिखे थे.
‘तू सांवल फूल कस्तूरी’ का मतलब क्या है?
तुम सांवले रंग के फूल और कस्तूरी जैसे हो, तुम्हारी खूबसूरती की हर तरफ चर्चा है. यहां खास बात यह है की खूबसूरती को बेहद ही खूबसूरत मेटाफर का इस्तमाल करते हुए बताया गया है. गीत में उसके घुंघराले बाल, काली शॉल, हाथ में रूमाल और उसकी अदाओं का जिक्र आता है. लड़की बार-बार कहती है कि तुम्हारी बराबरी कोई नहीं कर सकता.
फूल और कस्तूरी क्यों?
‘फूल’ खूबसूरती का मेटाफर है, जबकि ‘कस्तूरी’ ऐसी खुशबू जो आपको अपनी ओर खीचे. यानी जिससे वो प्यार करती है वो सिर्फ देखने में खूबसूरत नहीं है, उसकी मौजूदगी का असर भी दूर तक जाता है. इसीलिए यह लाइन महज तारीफ नहीं लगती, बल्कि प्रेमी की नजर में उस व्यक्ति को बेमिसाल बना देती है.
ज्यूसकटर ने दिया नया डिजिटल वर्जन
2026 में ज्यूसकटर ने ‘तू सांवल फूल कस्तूरी’ नाम से करीब 1 मिनट 10 सेकंड का नया वर्जन रिलीज किया. एप्पल म्यूजिक पर यह सिंगल 27 सितंबर 2026 की रिलीज के रूप में दर्ज है. इसके अलावा ज्यूसकटर ने ‘छलरे छलरे वाल’ नाम से भी एक नया सिंगल रिलीज किया.
आखिर इतना वायरल क्यों?
इस गीत की सबसे बड़ी ताकत इसकी सीधी और विसुअल पोएट्री - घुंघराले बाल, काली शॉल, फूल, कस्तूरी और खूबसूरती की मिसाल. और शायद यही वजह है कि 2026 की रील जनरेशन ने यह गाना तुरंत अपना लिया. एक पुराने सराइकी लोकगीत ने साबित कर दिया कि अच्छी धुन को वायरल होने के लिए नई होने की जरूरत नहीं होती. कभी-कभी उसे बस एक नई पीढ़ी की नजर चाहिए होती है.
ये भी पढ़ें: क्या 'प्रेम' बनकर फिर लौटेंगे सलमान खान? भाईजान ने खुद दे डाला बड़ा हिंट