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पलामू के राजीव तिवारी को राष्ट्रपति ने दिया ‘पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री’, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में दिखाई थी वीरता

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट
Palamu News: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड के नेनुआ गांव निवासी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के द्वितीय कमान अधिकारी राजीव तिवारी को राष्ट्रपति के प्रतिष्ठित ‘पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री’ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उन्हें अदम्य साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और आतंकवाद विरोधी अभियान में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है. राजीव तिवारी सत्य नारायण तिवारी के पुत्र हैं, जबकि उनकी माता का नाम उर्मिला तिवारी है. स्वतंत्रता दिवस पर मिले इस सम्मान से उनके परिवार, गांव और पलामू जिले में गौरव का माहौल है.
श्रीनगर के साहसिक ऑपरेशन के लिए मिला सम्मान
राजीव तिवारी को यह वीरता पदक 2 नवंबर 2024 को श्रीनगर के एक संवेदनशील क्षेत्र में चलाए गए अभियान के लिए दिया गया है. खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों को जानकारी मिली थी कि ए++ श्रेणी का एक खूंखार आतंकवादी इलाके में छिपा हुआ है. यह आतंकवादी कई गंभीर हिंसक घटनाओं में शामिल बताया गया था. जानकारी के अनुसार, वह श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक निरीक्षक की हत्या और पंजाब से आए एक नागरिक की हत्या जैसी वारदातों में शामिल था. अभियान के दौरान राजीव तिवारी ने सीआरपीएफ की ‘वैली क्यूएटी’, श्रीनगर का नेतृत्व किया.
जान की परवाह किए बिना चलाया अभियान
ऑपरेशन के दौरान राजीव तिवारी ने सूझबूझ और साहस के साथ सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया. अभियान का उद्देश्य आतंकवादी को पकड़ना या निष्प्रभावी करना था, लेकिन संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती थी. अभियान के दौरान उन्होंने परिस्थितियों को कुशलता से संभाला और आतंकवादी को मार गिराया. खास बात यह रही कि पूरे ऑपरेशन में किसी नागरिक के हताहत होने की बात सामने नहीं आई. इसी साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यपरायणता को उनके वीरता पदक का महत्वपूर्ण आधार माना गया है.
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में भी निभाई अहम भूमिका
राजीव तिवारी का सेवा अनुभव केवल देश के भीतर संवेदनशील क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा है. वर्ष 2021-22 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के तहत दक्षिण सूडान में भारतीय दल का नेतृत्व किया था. दक्षिण सूडान में तैनाती के दौरान उन्होंने पुलिसिंग और शांति स्थापना से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं. वहां उनके योगदान और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘यूएन पुलिस कमीशन’ की ओर से यूएन पीसकीपिंग मेडल 2022 से भी सम्मानित किया गया था. यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनके लंबे और विविध सेवा अनुभव को दर्शाता है. देश के भीतर आतंकवाद विरोधी अभियान से लेकर अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन तक उन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में जिम्मेदारियां निभाई हैं.
2004 बैच के सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारी
राजीव तिवारी वर्ष 2004 बैच के सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारी हैं. देश सेवा में उनका करीब 21 वर्षों का लंबा करियर रहा है. इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न संवेदनशील और अशांत क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं. सीआरपीएफ जैसे बल में लंबे समय तक चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. उनकी कार्यशैली और उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें अब तक महानिदेशक की ओर से 10 बार महानिदेशक पदक से सम्मानित किया जा चुका है.
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पलामू के लिए गौरव का क्षण
राष्ट्रपति के हाथों मिला ‘पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री’ राजीव तिवारी के सैन्य एवं सुरक्षा सेवा करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह सम्मान उनके परिवार के साथ-साथ उनके पैतृक गांव नेनुआ और पूरे पलामू के लिए भी गौरव का विषय है. एक छोटे से गांव से निकलकर देश की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले राजीव तिवारी की सेवा यात्रा क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय बन सकती है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान उस साहस और कर्तव्यनिष्ठा की पहचान है, जिसके लिए सुरक्षा बलों के जवान और अधिकारी कठिन परिस्थितियों में लगातार जिम्मेदारी निभाते हैं.
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