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चमोली में टनल में अचानक कैसे आया पानी और मलबा? सिल्कयारा की यादें हुईं ताजा

उत्तराखंड के चमोली के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी घुसने से एक बड़ा हादसा हो गया है। प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि टनल के अंदर मंजदूर काम कर रहे थे और अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इससे घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षित बाहर निकाले गए मजूदरों को चोटें भी आई हैं जिनका जिला अस्पताल में ईलाज चल रहा है।अचानक कैसे आया पानी और मलबा?टनल में अचानक पानी और मलबा किन परिस्थितियो में आया इसकी वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। प्रशासन की ओर से फिलहाल यही बताया गया है कि टनल में अचानक मलबा और पानी भर गया जिससे मजदूर टनल में ही फंस गए।हालांकि सूत्रों के अनुसार टनल में लूज आया। टनल ऊपर से टूटी। टनल के एक हिस्सा का कच्चा हिस्सा (ऊपरी) नीचे गिरा और उसके साथ जमीन में जो पानी इकट्ठा था वह भी नीचे आ गया।पानी और मलबा आने की वजह साफ नहींमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि टनल के भीतर मलबा और पानी आने की सूचना प्राप्त हुई है। सीएम ने बताया है कि रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए जरूरी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।जिला अधिकारी ने क्या बताया?चमोली के जिला अधिकारी ने बताया कि 'हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में शाम सात बजे के करीब मलबा और पानी काफी मात्रा में आया है। शिफ्ट में जो काम कर रहे थे वह फंस गए हैं। करीब 14-15 लोगों को निकाल लिया गया है। बाकी लोगों को निकालने के लिए एसडीआरएफ एनडीआरएफ और बाकी सारी मशीनरी काम कर रही है। हम उम्मीद करते हैं अगले कुछ घंटों में हम सभी लोगों को निकाल लेंगे।'सिल्कयारा की यादें हुईं ताजाआपको बता दें कि 12 नवंबर 2023 में सिलक्यारा-पोलगांव टनल प्रोजेक्ट में भी कुछ इसी तरह मजदूर फंस गए थे। टनल के निर्माण कार्य के दौरान सुरंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया था। इसमें 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। मजदूरों को बचान के लिए 17 दिन तक चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान चलाया गया था। यही नहीं इस दौरान बचाव अभियान के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर के एक्सपर्ट्स की भी मदद ली गई थी। मजदूरों को 28 नवंबर 2023 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जैसे ही आखिरी मजदूर बाहर आया था तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी।26 किलोमीटर घट जाएगी यमुनोत्री धाम की दूरीयह हादसा देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर की मीडिया में सुर्खियों में रहा था। आपको बता दें कि इस टनल से यमुनोत्री धाम की दूरी 26 किलोमीटर घट जाएगी। यह टनल अभी आम जनता के लिए नहीं खुली है। 2027 की शुरुआत में इसपर ट्रैफिक संचालन शुरू करवाने की चर्चा है।