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ग्वालियर में जुटे देशभर के न्यायिक अधिकारी:दो दिवसीय वेस्ट जोन ज्यूडिशियरी कॉन्फ्रेंस शुरू; एआई और नए कानूनों पर होगा मंथन
ग्वालियर में शनिवार से दो दिवसीय ‘वेस्ट जोन रीजनल ज्यूडिशियरी कॉन्फ्रेंस’ शुरू हो गया। मध्य प्रदेश स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (एमपीएसएलएसए) ने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (एनएएलएसए) के सहयोग से इसका आयोजन किया है। सम्मेलन में देशभर के न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ न्यायाधीश और कानून विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। इसका मुख्य विषय ‘न्यायिक शिक्षा के बढ़ते आयाम’ (लीगल एजुकेशन एंड ज्यूडीशियल कैपेसिटी बिल्डिंग) रखा गया है। दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में आयोजन सम्मेलन राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के नए परिसर स्थित दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे हैं। सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश, कानून विशेषज्ञ और क्षेत्र के प्रमुख न्यायिक अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। लंबित मामलों के निपटारे पर जोर कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना और न्यायिक अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना है। वरिष्ठ न्यायाधीश अपने अनुभव साझा करेंगे। बदलते सामाजिक और कानूनी माहौल को देखते हुए न्यायिक प्रशिक्षण को ज्यादा व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी। एआई और साइबर लॉ पर चर्चा सम्मेलन में तकनीक और नए कानूनों को न्यायिक प्रक्रिया से जोड़ने को लेकर विशेष सत्र रखे गए हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर क्राइम से जुड़े कानूनों और नए कानूनी बदलावों पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ इस बात पर मंथन करेंगे कि इन बदलावों को न्यायिक प्रक्रिया में किस तरह शामिल किया जाए, ताकि न्याय व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी, सटीक और तेज हो सके।