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गुरदासपुर में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन शुरू:मंत्री कटारूचक्क ने किया उद्घाटन; किसानों को मिलेगा मौसम का रियल टाइम डेटा
मौसम की भविष्यवाणी को और अधिक सटीक बनाने तथा किसानों को समय पर वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र गुरदासपुर में एक पूर्णतः स्वचालित मौसम स्टेशन स्थापित किया गया है। इसका औपचारिक उद्घाटन पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लालचंद कटारूचक्क और पीएयू के वाइस चांसलर सुखजीत पाल सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के दौरान कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि अब खेती पुराने कैलेंडर और तारीखों के सहारे नहीं चल सकती, क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। किसान खुले आसमान के नीचे काम करता है और उसे प्रकृति की हर चुनौती का सामना करना पड़ता है। कटाई के समय बेमौसमी बारिश, फसल पकने के दौरान चलने वाली गर्म हवाएं और मौसम में अचानक आने वाले बदलाव किसानों की मेहनत को प्रभावित करते हैं। यह आधुनिक सुविधा किसानों को नुकसान से बचाने में मददगार साबित होगी। मोबाइल पर सुबह ही मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी पीएयू के वाइस चांसलर सुखजीत पाल सिंह ने बताया कि नया ऑटोमैटिक मौसम स्टेशन तापमान, नमी, हवा की गति, सौर किरणों, जमीन के तापमान और बारिश से जुड़े आंकड़े वास्तविक समय में दर्ज करेगा। यह स्टेशन जटिल मौसम संबंधी आंकड़ों को सरल कृषि सलाह में बदलकर किसानों तक पहुंचाएगा। किसान सुबह-सुबह ही अपने मोबाइल फोन पर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। यदि बारिश की संभावना होगी, तो किसान समय रहते कीटनाशकों का छिड़काव और सिंचाई रोक सकेंगे। वहीं जमीन में पर्याप्त नमी होने पर ट्यूबवेल की एक बारी छोड़कर पानी और बिजली की बचत की जा सकती है। साप्ताहिक कृषि सलाह और फसलों में कीटों की रोकथाम में मिलेगी सहायता साप्ताहिक कृषि सलाह: डायरेक्टर एक्सटेंशन एजुकेशन डा. एमएस भुल्लर ने बताया कि मौसम स्टेशन से मिलने वाले आंकड़ों का उपयोग सीधे साप्ताहिक जिला स्तरीय कृषि सलाह में किया जाएगा। इससे किसानों को बुवाई, सिंचाई, खाद के इस्तेमाल और फसलों में बीमारियों की रोकथाम का सही समय निर्धारित करने में मदद मिलेगी। कीटों और बीमारियों से बचाव: क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के डायरेक्टर डा. हरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि गेहूं में पीली कुंगी जैसी बीमारियों का प्रकोप तापमान और नमी की विशेष परिस्थितियों में बढ़ता है। मौसम की लगातार निगरानी से बीमारियों या कीटों के हमले का समय रहते आकलन किया जा सकेगा। फील्ड ट्रायल में मदद: डायरेक्टर रिसर्च डा. एएस ढट्ट ने कहा कि एकत्र किए गए आंकड़ों का उपयोग पीएयू के फील्ड ट्रायल और नई बीज किस्मों के परीक्षण में भी किया जाएगा। इस अवसर पर पीएयू के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और क्षेत्र के प्रगतिशील किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।