Thursday, 20 August 2026
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सिंग्रामपुर में नाला पार कर निकाली अंतिम यात्रा:2 साल से पुलिया निर्माण नहीं हुआ; 40.61 लाख का रपटा प्रस्तावित था

INT News20 August 2026 at 03:56 pm

दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक के सिंग्रामपुर के टगरा मोहल्ले में गुरुवार को एक महिला की अंतिम यात्रा कमर तक पानी में डूबकर निकाली गई। फलको नाले में तेज बहाव के कारण परिजन शव को मुक्तिधाम नहीं ले जा पा रहे थे। बहाव कम होने के बाद ग्रामीणों ने नाला पार कर अंतिम संस्कार किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। टगरा मोहल्ले से मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता फलको नाले के कारण बाधित रहता है। बारिश के मौसम में यह नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है, जिससे अंतिम यात्राएं भी पानी में डूबकर निकाली जातीं हैं। कमर तक पानी में डूबकर निकाली अंतिम यात्रा वर्षा चौधरी, पति स्व.सेव चौधरी का गुरुवार को निधन हो गया था। इसके बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव को मुक्तिधाम ले जाने की तैयारी कर रहे थे। फलको नाले में पानी का बहाव तेज था। इससे शव को मुक्तिधाम तक ले जाना मुश्किल हो गया। सुबह निधन के बाद करीब छह घंटे तक शव घर पर ही रखा रहा। बहाव कम होने के बाद ग्रामीण कमर तक पानी में डूबकर शव को मुक्तिधाम ले गए। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। 10 साल से पुलिया की मांग, अब तक काम नहीं हुआ ग्रामीण सोनू बंसल ने बताया कि वे करीब 10 साल से प्रशासन से फलको नाले पर पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं। अब तक इस पर काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के मौसम में हर साल ऐसी स्थिति बनती है। इससे आम लोगों के साथ किसानों को भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया की 25 जुलाई 2024 को भी मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए घुटनों तक पानी से होकर अंतिम यात्रा ले जानी पड़ी थी। इसके अगले दिन 26 जुलाई को जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया था। कलेक्टर और जिला पंचायत CEO के निर्देश पर जनपद पंचायत जबेरा के CEO, सहायक यंत्री सहित विभागीय टीम ने सिंग्रामपुर पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया था। इसके बाद फलको नाले पर स्लैब कल्वर्ट बनाने के लिए नाप-जोख कर बजट भी तैयार किया गया था। 40.61 लाख रुपए का था प्रस्ताव उस समय प्रस्तावित कार्य की लागत 40.61 लाख रुपए बताई गई थी। प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति के लिए जिला प्रशासन को भेजे जाने की जानकारी दी गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण और प्राक्कलन तैयार होने के बाद उन्हें जल्द काम शुरू होने की उम्मीद थी। लेकिन अब तक फलको नाले पर रपटा नहीं बन सका। जिला पंचायत CEO प्रवीण फुलगारे ने बताया कि उन्हें अभी मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का निराकरण कराया जाएगा।

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