समाचार · मध्य प्रदेश
कलेक्टर-एसपी ऑफिस के सामने गड्ढे में गिरी छात्र की स्कूटी:घायल होने के बाद खुद भर दिया गड्ढा, बोला- मेरी तरह कोई और घायल न हो।
छतरपुर कलेक्टर और एसपी कार्यालय के सामने नेशनल हाईवे-39 पर सड़क के गड्ढे में गिरकर 16 वर्षीय छात्र आदित्य देव लटोरिया घायल हो गया। हादसे के बाद छात्र ने खुद ही गड्ढा भरने का फैसला किया। उसका कहना था कि वह नहीं चाहता कि उसकी तरह कोई और इस गड्ढे में गिरकर घायल हो। आदित्य शुक्रवार को कोचिंग से पढ़कर स्कूटी से घर लौट रहा था। इसी दौरान एसपी-कलेक्टर कार्यालय के सामने उसकी स्कूटी सड़क के गड्ढे में जा गिरी। वह सड़क पर गिर गया और मामूली रूप से घायल हो गया। पीछे से एक ट्रक भी आ रहा था। वहां से गुजर रहे कुछ स्कूली छात्रों ने तुरंत आदित्य को उठाया और उसकी स्कूटी को सड़क किनारे किया। खुद गड्ढा भरने लगा छात्र हादसे के बाद आदित्य कुछ देर यात्री प्रतीक्षालय में बैठकर आराम करता रहा। तबीयत बेहतर होने पर उसने सड़क की हालत देखी और गड्ढा भरने का फैसला किया। आदित्य पास के सांची स्टॉल से दूध की खाली क्रेट और एक पेचकस लेकर आया। इसके बाद एसपी कार्यालय के बाहर पड़े गिट्टी, कंक्रीट और मिट्टी के मिश्रण को क्रेट में भरकर गड्ढे में डालना शुरू किया। उसने काफी देर तक मेहनत कर गड्ढा भर दिया। बोला- नहीं चाहता मेरी तरह कोई और गिरे आदित्य ने बताया, "मैं कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहा था। एसपी-कलेक्टर ऑफिस के सामने सड़क के गड्ढे में मेरी स्कूटी गिर गई और मैं सड़क पर जा गिरा। पीछे से ट्रक आ रहा था। गनीमत रही कि वहां से गुजर रहे स्कूली छात्रों ने मुझे तुरंत उठाया और स्कूटी भी सड़क किनारे कर दी।" उसने कहा, "मैंने यह गड्ढा इसलिए भरा, क्योंकि मैं खुद इसमें गिरकर घायल हुआ हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरी तरह कोई और बच्चा या बड़ा इस गड्ढे में गिरकर हादसे का शिकार हो। सरकार और अधिकारियों से मेरा अनुरोध है कि सड़क के गड्ढे भरवा दें, ताकि किसी की जान खतरे में न पड़े।" व्यापार मंडल करेगा छात्र को पुरस्कृत छात्र को सड़क का गड्ढा भरते देख राहगीरों और मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पहल की सराहना की। व्यापारी नेता लालचंद लालवानी ने भी आदित्य के प्रयास की प्रशंसा की। उन्होंने व्यापार मंडल की ओर से छात्र को पुरस्कृत करने की बात कही। छात्र की इस पहल के बाद सड़क की खराब हालत को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।