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नूंह में कूड़े में मिली नवजात की हुई मौत:रोहतक PGI में चल रहा था इलाज, मां की तलाश में पुलिस
नूंह जिले के साकरस गांव में कूड़े के ढेर में मिली नवजात बच्ची ने 5 दिन बाद इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची को 12 अगस्त को कूड़े के ढेर से निकाला गया था। गंभीर हालत में उसे मांडीखेड़ा सिविल अस्पताल से रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था, जहां रविवार को उसकी मौत हो गई। यह नवजात बच्ची 12 अगस्त को गांव साकरस में जुबेर के भाई की पत्नी सकूनत को मिली थी। सकूनत घर के पास कपड़े सुखाने गई थीं, तभी उन्हें कूड़े के ढेर से बच्चे के कराहने की आवाज सुनाई दी। परिजनों ने कूड़ा हटाया तो मिट्टी और कूड़े में दबी नवजात बच्ची मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। रोहतक पीजीआई में तोड़ा दम पुलिस ने बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बच्ची की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया है। शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक रोहतक पीजीआई में रखा गया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि यदि इस अवधि में कोई परिजन बच्ची के शव पर दावा नहीं करता है, तो 19 अगस्त को रोहतक पीजीआई में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। जन्म देने वाली महिला की तलाश कर रही पुलिस बच्ची को जन्म देने के बाद कूड़े में छोड़ने वाली महिला की तलाश जारी है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों से जानकारी जुटा रही है और मामले की हर कड़ी खंगाल रही है ताकि उस महिला का पता लगाया जा सके जिसने अपनी नवजात बच्ची को मरने के लिए छोड़ दिया था।