समाचार · हरियाणा
कैथल में ऑटो, ई-रिक्शा ड्राइवरों के बनेंगे आई कार्ड:नाम, पता, आधार नंबर लिखा जाएगा, वारदातों को रोकने के लिए निर्णय लिया
कैथल में अब सभी ई रिक्शा और ऑटो ड्राइवरों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। शहर में ऑटो व रिक्शा में होने वाली चोरी और छीनाझपटी जैसी वारदातों को रोकने के लिए ऑटो यूनियन और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर यह निर्णय लिया है। आई कार्ड बनने का एक और लाभ ये भी रहेगा कि ये कार्ड नाबालिग लड़कों के नहीं बनेंगे, जिससे दुर्घटनाओं में भी कमी होगी। यूनियन की ओर से ड्राइवरों के कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नाम व पते के साथ आधार नंबर तक लिखा जाएगा जिन ऑटो और ई रिक्शा ड्राइवरों के कार्ड बनाए जाएंगे, उन कार्डों में सभी का पूरा नाम पता होने के साथ साथ आधार नंबर तक लिखा जाएगा। अगर किसी ऑटो या रिक्शा में कोई वारदात होती है तो पुलिस तुरंत ड्राइवर को पकड़ लेगी और उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अगर बिना कार्ड के कोई ड्राइवर वाहन चलाते पाया गया तो उसका चालान किया जाएगा। उसे इंपाउंड भी किया जा सकता है। शहर में चार हजार से ज्यादा ऑटो व रिक्शा बता दें कि कैथल में इस समय चार हजार से ज्यादा ऑटो और रिक्शा सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कई बार तो इन वाहनों को नाबालिग लड़के चलाते हुए दिखाई देते हैं। शहर में लूट और चोरी की घटनाएं भी इन वाहनों में सामने आ चुकी हैं। इसे रोकने के लिए ऑटो यूनियन ने ट्रैफिक पुलिस से अपील की कि सबके आई कार्ड बनाए जाएं। इस पर ट्रैफिक थाना प्रबंधक ने सहमति दी। अब यूनियन ने एक सप्ताह में सभी के कार्ड बनवाने का दावा किया है। ऑटो यूनियन के प्रधान संजीव कुमार ने बताया कि कई बार ऑटो व रिक्शा में सवारियों के साथ चोरी जैसी वारदातें होती हैं। इससे सभी ड्राइवरों पर यात्रियों का विश्वास कम होता है। वहीं नाबालिग के ऑटो चलाने से दुघटनाओं की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए यूनियन ने कार्ड बनवाने का निर्णय लिया है। ट्रैफिक एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में यूनियन के सदस्य उनसे मिले थे और आई कार्ड बनाने पर चर्चा की। सभी के कार्ड बनाए जाएंगे। पुलिस की ओर से भी यूनियन का पूरा सहयोग किया जाएगा।