Thursday, 20 August 2026
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BCI चेयरमैन मनन मिश्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को CJP का समर्थन, इस्तीफे की कर रहे हैं मांग

INT News20 August 2026 at 01:14 pm

चीफ जस्टिस का विरोध करने पर उन्होंने NALSAR से 2026 में कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों का वकील के रूप में नामांकन रोकने का आदेश दिया था, जिसकी वजह से उनका विरोध किया जा रहा है. इस विरोध प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी अपना समर्थन दिया है. इस विरोध प्रदर्शन के पीछे वजह BCI चेयरमैन और हैदराबाद में NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के स्टूडेंट्स के खिलाफ उनके एक्शन से जुड़ा विवाद है.

CJP हमारे प्रदर्शन का समर्थन कर रही है तो यह अच्छी बात है

एडवोकेट रमन शर्मा ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी ने हमारा सपोर्ट किया है तो ठीक है-यह अच्छी बात है. हमारी अपनी बिरादरी को जरूर इस बारे में सोचना चाहिए था. लेकिन यह पूरी तरह से वकीलों का हमारी अपनी सबसे बड़ी संस्था के खिलाफ एक आंदोलन है ताकि संगठन के अंदर की कमियों को दूर किया जा सके और हमारी जायज मांगों पर दबाव डाला जा सके. चेयरमैन 14 साल से अपने पद पर हैं; उन्होंने कानूनी बिरादरी के लिए असल में क्या किया है.

हम जानते हैं कि पूरे भारत में पुलिस स्टेशनों में वकीलों के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर्स (IOs) को सात साल से कम जेल की सजा वाले अपराधों के मामलों में आरोपी लोगों को सीधे पुलिस स्टेशन से रिहा करने का अधिकार दिया.पूरे भारत में क्रिमिनल लॉ प्रैक्टिस असल में खत्म हो रही है, फिर भी कोई इसके खिलाफ खड़ा नहीं हो रहा है. यह हमारी सबसे बड़ी संस्था थी; उन्हें बोलना चाहिए था. तीन बड़े कानूनों में बदलाव किया गया. ऑल इंडिया यंग लॉयर्स एसोसिएशन BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग कर रहा है. हम भी यही मांग कर रहे हैं.

BCI चेयरमैन ने लॉ स्टूडेंट्स की भलाई के लिए कोई काम नहीं किया

विरोध प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट उमेश कुमार कहते हैं कि BCI चेयरमैन ने लॉ स्टूडेंट्स या वकीलों की भलाई के लिए कोई एक काम नहीं किया है. वकीलों पर रोज हमले होते हैं और पुलिस थानों के अंदर उनकी हत्या की जाती है. हाल ही में हैदराबाद में एक सीनियर वकील की मौत हो गई, क्या उन्होंने इस बारे में कोई ऑफिशियल बयान जारी किया? जब हमारी भलाई की बात आती है तो वह चुप रहते हैं, फिर भी वह हमेशा पॉलिटिकल एजेंडा को आगे बढ़ाने में सबसे आगे रहते हैं.अक्सर ऐसा करने के लिए BCI के ऑफिशियल लेटर का गलत इस्तेमाल करते हैं. यहां मुद्दे वकीलों की भलाई, एडवोकेट्स एक्ट, स्टाइपेंड, चैंबर, हमारी भलाई और लॉ कॉलेजों पर कंट्रोल की जरूरत से जुड़े हैं.खासकर नकली लॉ कॉलेजों और डिग्रियों के बारे में. ऐसे दावे हैं कि इस प्रोफेशन में 35% से 40% लोग नकली वकील हैं.

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