Monday, 6 July 2026
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ग्वालियर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम:युवाओं ने रैप, कविता और ओपन माइक के जरिए शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी पर उठाई आवाज

INT News5 July 2026 at 10:22 pm

भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी "छात्रों की गूंज" अभियान के तहत रविवार शाम ग्वालियर के बैजाताल (मोतीमहल) पर "ग्वालियर की GOONJ (Voices Turn Into Movements)" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रैप, कविता, शायरी और ओपन माइक के माध्यम से छात्र-छात्राओं और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, कवि, कलाकार और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से प्रस्तुत रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था— “शब्द नहीं... ये आवाज़ है देश के युवाओं की।” अपने संबोधन में मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाला युवा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ा है। उनका कहना था कि जब मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि "छात्रों की गूंज" अभियान का उद्देश्य युवाओं को ऐसा लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें। उनके अनुसार ग्वालियर की GOONJ ने यह साबित किया है कि युवाओं की आवाज़ अब आंदोलन का रूप ले रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरे देश में मजबूती से उठ रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समापन अवसर पर मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की चेतना और परिवर्तन का मंच है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक "छात्रों की गूंज" अभियान पूरे देश में जारी रहेगा।