Wednesday, 22 July 2026
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अब तक के सबसे बड़े कर्ज के लिए बांड जारी:20 हजार करोड़ कर्ज उठाने का फैसला, 4400 करोड़ के तीन अन्य कर्ज भी ले रही सरकार

INT News21 July 2026 at 10:34 pm

मध्यप्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा कर्ज लेने के लिए 22 साल का बांड जारी किया है। वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के माध्यम से यह राशि जुटाने के लिए मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय में नीलामी आयोजित की गई है। इसके अलावा सरकार तीन अन्य कर्ज भी 4400 करोड़ के ले रही है। 4400 करोड़ रुपए की कर्ज की राशि का भुगतान सरकार को बुधवार को होने वाला है। वित्त विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 20 हजार करोड़ का बांड जारी करने की कार्यवाही में निवेशकों 10,000 रुपये तथा उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में निवेश करने की शर्त तय की गई। बोली प्रक्रिया मंगलवार को आरबीआई के ई-कुबेर (e-Kuber) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की गई। सरकार के अनुसार इसके लिए जारी सिक्योरिटीज पर 7.83 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। इस 20 हजार करोड़ के कर्ज के लिए बांड जारी करने के बाद सरकार को इसका रिजल्ट बुधवार को मिलेगा। इसके बदले ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अक्टूबर और 29 अप्रैल को किया जाएगा। 31 मार्च 2026 की स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपये का ऋण दर्ज किया गया है। इसमें बाजार ऋण, केंद्र सरकार से प्राप्त ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण तथा अन्य देनदारियां शामिल हैं। तीन अलग-अलग किस्तों में लिए 4400 करोड़ उधर मंगलवार को राज्य सरकार ने तीन अलग-अलग किस्तों में 1000 करोड़, 1400 करोड़ और 2000 करोड़ रुपए के कर्ज भी लिए हैं। 1000 करोड़ का मंगलवार को उठाया गया पहला कर्ज 8 साल के लिए है जबकि 1400 करोड़ का दूसरा कर्ज 12 साल के लिए है और 2000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 22 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन तीनों ही कर्ज राशि का भुगतान 22 जुलाई यानी बुधवार को राज्य सरकार को होने वाला है। पहले से सरकार पर है 5.6114 लाख करोड़ का कर्ज इसके 14 दिन पहले मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाया था। इसके चलते इस अवधि तक चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 17,400 करोड़ रुपए हो गया, जबकि प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई थी। 21 जुलाई को लिए जा रहे 4400 करोड़ के तीन कर्ज और 20 हजार करोड़ के अकेले एक कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा 41800 करोड़ हो जाएगा। वहीं सरकार पर कुल कर्ज 5 लाख 30 हजार 514 करोड़ रुपए तक हो जाएगा।