समाचार · मध्य प्रदेश
टीकमगढ़ में नकली पतंजलि तेल की पैकिंग जब्त:दिल्ली कोर्ट के आदेश पर व्यापारी के गोदाम पर छापा, सामग्री सील
टीकमगढ़ में सोमवार को दिल्ली से आई एक टीम ने एक तेल व्यापारी के गोदाम और दुकान पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान टीम को नकली ब्रांड की पैकिंग वाली 15 लीटर तेल से भरी कई कैन और बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री मिली है। जांच में सामने आया कि 'रुचि स्टार' ब्रांड से मिलती-जुलती नकली पैकेजिंग 'MTC रिद्धि स्टार' के नाम से की जा रही थी। यह कार्रवाई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश पर की गई। टीम के साथ आए वकील कृतिक सोनी ने बताया कि पतंजलि फूड्स लिमिटेड के प्रसिद्ध ब्रांड 'रुचि स्टार' की नकल कर बाजार में नकली तेल की पैकेजिंग की जा रही थी। पतंजलि फूड्स लिमिटेड को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि टीकमगढ़ में रवि कांत साहू की मठोले साहू ट्रेडिंग कंपनी 'रुचि स्टार' से मिलता-जुलता नकली नाम 'टीएमसी रिद्धि स्टार' के नाम से तेल बेच रही है। इस नकली ब्रांड की पैकेजिंग, नाम, डिजाइन और 'रुचि स्टार' लिखने का तरीका हूबहू पतंजलि फूड्स लिमिटेड के पंजीकृत ब्रांड 'रुचि स्टार' जैसा था। इससे आम ग्राहक आसानी से भ्रमित हो सकते थे। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि यह गतिविधि ट्रेडमार्क एक्ट 1999 और कॉपीराइट एक्ट 1957 का खुला उल्लंघन है। यह मामला केवल ब्रांड की नकल का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को गुमराह कर अवैध मुनाफा कमाने का भी प्रयास है। कोर्ट के आदेश पर तलाशी ली पतंजलि फूड्स लिमिटेड की ओर से अधिवक्ता नम्रता जैन और विजय सोनी ने दिल्ली के वाणिज्यिक न्यायालय में यह मामला दायर किया था। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को मजबूत पाते हुए एक लोकल कमिश्नर नियुक्त किया और पुलिस की मदद से तलाशी और जब्ती की अनुमति दी। कोर्ट के आदेश पर सोमवार को टीकमगढ़ में लोकल कमिश्नर और स्थानीय पुलिस ने छापा मारा। नकली तेल की पैकेजिंग बरामद छापे के दौरान 'MTC रिद्धि स्टार' नाम के नकली तेल की बड़ी मात्रा में पैकेजिंग बरामद की गई, जो 'रुचि स्टार' ब्रांड की सीधी नकल थी। सभी नकली माल को जब्त कर सील कर दिया गया है और अब यह कोर्ट की हिरासत में है। दिल्ली डिस्ट्रीक्ट कोर्ट के आदेश के बाद अब से टीएमसी रिद्धि स्टार नाम से तेल का निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण, प्रचार या विज्ञापन नहीं कर सकती। ऐसा करना कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। यह कार्रवाई नकली ब्रांड, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वालों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि कानून अब ऐसे मामलों में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा।