समाचार · मध्य प्रदेश
डी-मार्ट में 5 हजार मीट्रिक टन शक्कर का स्टॉक दर्ज:रिकॉर्ड में गड़बड़ी से 50 की जगह 5000 मीट्रिक टन दर्ज हुआ, जांच के लिए दिल्ली से पहुंची टीम
त्योहारों के सीजन में शक्कर की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार स्टॉक पर निगरानी रख रही है। इसी दौरान भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित डी-मार्ट के रिकॉर्ड में 5 हजार मीट्रिक टन शक्कर का स्टॉक दर्ज मिला। मामला सामने आने के बाद गुरुवार को दिल्ली से शक्कर संचालनालय की टीम जांच के लिए पहुंची। मौके पर जांच में करीब 50 मीट्रिक टन शक्कर ही मिली। जांच में सामने आया कि डी-मार्ट प्रबंधन ने स्टॉक पोर्टल पर क्विंटल में दर्ज किए जाने वाले आंकड़े को गलती से मीट्रिक टन में दर्ज कर दिया था। प्रबंधन का कहना था कि गलती की जानकारी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी, लेकिन टीम ने संबंधित ई-मेल आईडी की जांच की तो वह गलत मिली। इस वजह से सूचना अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। टीम ने प्रबंधन के बयान दर्ज किए और सही ई-मेल आईडी पर स्टॉक से जुड़ी जानकारी दोबारा भेजने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद शक्कर का रिकॉर्ड भी टीम ने मंगवाया। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रमान सिंह जादौन ने बताया कि दिल्ली से आई टीम ने डी-मार्ट में शक्कर के स्टॉक की जांच की, जिसमें स्टॉक एंट्री में गड़बड़ी सामने आई। 4000 क्विंटल तय स्टॉक सीमा केंद्र सरकार ने त्योहारों के सीजन में शक्कर की कीमतों पर नियंत्रण और जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा तय की है। इसके तहत शक्कर का अधिकतम स्टॉक 4000 क्विंटल रखा जा सकता है। स्टॉक मिलने की तारीख से अधिकतम 30 दिन में उसका टर्नओवर करना होगा। पोर्टल पर नियमित देनी होगी जानकारी व्यापारियों को स्टॉक की जानकारी संबंधित पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकारी कोटे और पीडीएस की राशन दुकानों को इस व्यवस्था से छूट दी गई है। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा स्टॉक लिमिट तय किए जाने के बाद राज्य सरकार ने अभी तक इस संबंध में अलग से कोई आदेश जारी नहीं किया है।