Monday, 5 October 2026
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CBI-IPS बनकर 44 दिन तक कारोबारी को किया डिजिटल अरेस्ट:6.80 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग में नाम होने का डर दिखाया; हर घंटे वीडियो कॉल पर रहने को कहा, 8.50 लाख ठगे

INT News5 October 2026 at 01:27 am

रायपुर के खमतराई थानाक्षेत्र के उरकुरा के बजरंग नगर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने सीबीआई और आईपीएस अधिकारी बनकर 64 वर्षीय किराना दुकानदार को 44 दिन तक डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा। आरोपियों ने बुजुर्ग को बताया कि उनके नाम से आईसीआईसीआई बैंक में 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जेल भेजने और परिवार को सीबीआई से उठवाने की धमकी देकर ठगों ने अलग-अलग खातों में 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। रकम जुटाने के लिए पीड़ित ने अपनी जमा-पूंजी के साथ सोने के जेवर भी बेच दिए। अब पढ़े क्या है पूरा मामला देवसिंह साहू के मुताबिक, 18 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे एक महिला ने उन्हें फोन किया। उसने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बताते हुए आदित्य नाम के व्यक्ति से बात कराई। आदित्य ने परिवार, जमीन और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी ली। इसके बाद बलराज सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पूछताछ शुरू की। कुछ देर बाद वीडियो कॉल पर प्रदीप सिंह से बात कराई गई। उसने खुद को आईपीएस अधिकारी बताया। हर घंटे वीडियो कॉल पर अपडेट देने का दबाव प्रदीप ने देवसिंह को 6.80 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग में नाम होने की बात कही। आरोपियों ने कहा कि रकम का मिलान करने के लिए उन्हें अपने खाते से पैसे जमा करने होंगे। ऐसा नहीं करने पर सीबीआई की कार्रवाई और परिवार को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। ठग हर घंटे वीडियो कॉल पर अपडेट देने के लिए कहते थे। देवसिंह और उनकी पत्नी इंदु साहू को लगातार वीडियो कॉल पर उनके सामने बैठे रहने के लिए भी कहा जाता था। 9 बार में अलग-अलग खातों में भेजे पैसे 4 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच देवसिंह ने फोन-पे के जरिए नौ बार रकम ट्रांसफर की। रिद्धिमा ऑटो और राकेश ट्रेडर्स के खातों में दो-दो लाख रुपए भेजे गए। इसके अलावा यूको बैंक के खाते में एक लाख, कैपवाइज ट्रेडिंग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में एक लाख, कोटक महिंद्रा बैंक में 50 हजार, गणेश भंडार में एक लाख और सृजन लाइफ मैनेजमेंट के खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर किए। लगातार पैसों की मांग से परेशान होकर 3 अक्टूबर को देवसिंह ने अपने छोटे भाई सुंदर लाल साहू को पूरी बात बताई। भाई ने उन्हें साइबर ठगी की जानकारी दी। इसके बाद 4 अक्टूबर को उन्होंने खमतराई थाने में शिकायत की। पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, चैट, मैसेज और ट्रांजेक्शन की रसीदें भी दी गई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।