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खेत बर्बाद, सड़कों पर जलजमाव... 23 अगस्त को टाटा-हाता रोड जाम करने की दी चेतावनी

जमशेदपुर: करनडीह रेलवे फाटक के पास लंबे समय से बनी जलजमाव और दूषित पानी की समस्या अब आंदोलन का रूप लेती दिख रही है. करनडीह ग्रामसभा और स्थानीय फ्लैटवासियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया. ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि अगर 22 अगस्त तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो 23 अगस्त को टाटा-हाता मुख्य मार्ग को जाम कर दिया जाएगा.
सोमवार को ग्रामीणों और फ्लैटवासियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने बीडीओ और सीओ से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन पर लगातार अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है.
50 एकड़ तक खेती प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि करनडीह फाटक से लेकर परसुडीह शीतला चौक तक बने अपार्टमेंट और फ्लैटों से निकलने वाला दूषित पानी सीधे दुखूटोला, लाइनटोला और धरमटोला के खेतों में पहुंच रहा है.
इससे करीब 40 से 50 एकड़ रैयती कृषि भूमि प्रभावित हो चुकी है. किसानों का कहना है कि लगातार जलजमाव के कारण उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं और खेती करना मुश्किल होता जा रहा है.
अब प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाएंगे ग्रामीण
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि वे कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अब वे दोबारा प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाएंगे. यदि 23 अगस्त को सड़क जाम की स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
पुराने जल निकासी मार्ग को खोलने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल सर्वे कराया जाए और पुराने प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर दोबारा चालू किया जाए.
उनका कहना है कि इससे खेतों में जमा हो रहे दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है.
हालांकि, बीडीओ और सीओ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर इंजीनियरों की टीम भेजकर क्षेत्र का सर्वे कराया जाएगा और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.