Saturday, 24 October 2026
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जाखल में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका:कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, इस्तीफे की मांग

INT News24 October 2026 at 05:43 pm

फतेहाबाद जिले के जाखल मंडी में शनिवार को कांग्रेस के देशव्यापी वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने अग्रवाल धर्मशाला से विरोध मार्च शुरू किया, जो शहर के मुख्य बाजारों से होता हुआ सुभाष चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। प्रदर्शन में टोहाना के विधायक एवं पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, कांग्रेस की फतेहाबाद जिला प्रभारी सुधा भारद्वाज, जाखल ब्लॉक अध्यक्ष अंग्रेज सिंह, पुनीत बंसल, राजकुमार शर्मा, जतिंदर शर्मा और अश्वनी कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। मतदाता सूची में गड़बड़ियों का लगाया आरोप प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम काटे जाने और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों के कारण पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार है और इसकी निष्पक्षता बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने पर सवाल उठाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में देशभर में प्रदर्शन कर रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठा रही है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने अक्टूबर में वोट बचाओ-देश बचाओ नाम से देशव्यापी अभियान शुरू किया था। इसके तहत जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन, पदयात्राएं और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा नहीं की जाती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा। पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, चुनाव आयोग ने अपनी चुनावी प्रक्रिया का बचाव किया है। मतदाता सूचियों और एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों तथा चुनाव आयोग के रुख के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।