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8 साल बाद भी गांव के शिक्षकों को शहर का इंतजार, नहीं हुआ जोनवार ट्रांसफर

रांची. शिक्षक स्थानांतरण नियमावली बनने के 8 साल बाद भी गांव के शिक्षकों को शहर आने का मौका नहीं मिला. इस दौरान नियमावली में दो संशोधन भी हो गया. वहीं, तीन हजार से अधिक शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण हुआ. जिला के अंदर स्थानांतरण को लेकर समय-समय पर प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा पत्र भी जारी किया गया है. शिक्षकों के अंत: जिला स्थानांतरण को लेकर जिला को जोन में बांटने से लेकर शिक्षकों का डाटा ई विद्या वाहिनी पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश जारी किया गया था.
नहीं मिलेगा एचआरए और यात्रा भत्ता का लाभ
नियमावली के अनुसार, प्रत्येक वर्ष जून में शिक्षकों का स्थानांतरण होना है, पर अब तक स्थानांतरण नहीं हुआ है. नियमावली के अनुसार यदि कोई शिक्षक जोन एक या दो में पांच वर्ष से अधिक समय तक पदस्थापित रहता है, तो उसे एचआरए और यात्रा भत्ता का लाभ नहीं मिलेगा. विशेष परिस्थिति में यदि पोस्टिंग बढ़ायी जाती है, तब भी शिक्षक को इस संबंध में स्वयं अपने निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) को सूचना देनी होगी. गलत तरीके से राशि निकासी होने पर शिक्षक और संबंधित पदाधिकारी दोनों दोषी माने जायेंगे.
नियमावली के तहत ट्रांसफर का फॉर्मूला
नियमावली के तहत प्रत्येक जिला को पांच जोन में विभाजित किया गया है.
जोन एक में जिला मुख्यालय के विद्यालय व जोन दो में अनुमंडल व प्रखंड मुख्यालय के विद्यालय शामिल किये गये हैं.
जोन एक और दो में किसी शिक्षक की सामान्यतः पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पोस्टिंग नहीं होगी.
जोन तीन, चार और पांच में पदस्थापित शिक्षक एक टर्म से अधिक समय तक रहने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसे शिक्षक के अनुरोध पर स्वीकृत किया जा सकता.
स्थानांतरण के लिए पांच जोन जोन-1: नगर निगम, नगर पंचायत एवं अन्य नगर निकायों के नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में स्थित विद्यालय.
जोन-2 : ऐसे पंचायत क्षेत्र के विद्यालय, जहां प्रखंड मुख्यालय स्थित है. इसे प्रखंड पंचायत के नाम से जाना जायेगा.
जोन-3 (ए): प्रखंड पंचायत से पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित विद्यालय. जोन-3 (बी): प्रखंड पंचायत से एक से पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित विद्यालय.
जोन-4: राष्ट्रीय उच्च पथ, राज्य उच्च पथ एवं जिला पथ से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित विद्यालय.
जोन-5: दुर्गम (पहाड़ी/जंगली क्षेत्र, जहां यातायात का साधन उपलब्ध नहीं है) अथवा जोन-1 से 4 के अंतर्गत चिह्नित नहीं किये गये विद्यालय.
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