Monday, 17 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · हरियाणा

सिरसा वैदवाला के किसानों को जबरदस्ती उतारने पहुंची पुलिस:धरनारत बोले-पहले सीएम से मीटिंग कही थी, विरोध के बाद लौटी, बिजली टावर मामला

INT News17 August 2026 at 05:52 pm

सिरसा के वैदवाला गांव में बिजली टावर के लिए अधिकृत की गई जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर जलघर की टंकी पर चढ़े खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेदप्रकाश को आज सोमवार को पांच दिन हो गए। आज शाम को पुलिस प्रशासन की टीम वैदवाला में पहुंची और किसानों को टंकी से नीचे उतारने का प्रयास किया। मगर ग्रामीणों के विराेध के बाद वापस लौट गई। इस पर खेत मालिक भूपेंद्र सिंह व धरनारत किसान नेता जसवीर भाटी व मैक्स साहूवाला ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी सीएम से मीटिंग करवाने को बातचीत चल रही थी। इस बीच पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी बोलेरो गाड़ी व पुलिस वैन के साथ धरने पर पहुंचे। एक तरफ तो प्रशासन सीएम से मीटिंग के लिए समय तय करवाने के लिए बात करता रहा तो दूसरी ओर पुलिस की टीम टंकी पर चढ़े दोनों किसानों को नीचे उतारने के लिए जबरदस्ती धक्काशाही करने लगी। इस पर किसान भूपेंद्र सिंह ने पुलिस से साफ कह दिया कि अगर उनके साथ धक्काशाही की तो वे सीधा नीचे छलांग देंगे। यह कहने के बाद पुलिस ने दोबारा जबरदस्ती नहीं की और धरनारत लोगों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। अचानक हलचल तेज हो गई और भीड़ जुटना शुरू हो गई। इसके बाद प्रशासन की टीम गाड़ियां लेकर वापस लौट गई। पुलिस धक्काशाही करने दोबारा आ सकती है : भूपेंद्र खेत मालिक भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन बार-बार कमेटी को फोन कर बातचीत के लिए बुला रहा है। मगर उनकी सुनवाई नहीं कर रहा और न ही सीएम से मीटिंग का समय तय करके बता रहा। वे सीएम से पहले भी ग्रीवेंस मीटिंग के दौरान मिल चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने मुआवजे के लिए आश्वासन नहीं दिया और टावर पर लाइनें भी खींच दी। सोमवार को प्रशासन की ओर से कमेटी के पास बार-बार फोन आए और कहा गया कि आपको मुख्यमंत्री से मिलवा देते हैं। इसके लिए समय भी तय होने वाला है। इस बीच पुलिस उनके साथ जबरदस्ती करके टंकी से नीचे उतरना चाहती है। उनको शक है कि पुलिस कभी भी उनके साथ धक्काशाही कर सकती है। सुरक्षा के तौर पर जाल लगाना था प्रशासनिक टीम का कहना है कि किसानों से बातचीत के लिए गए थे, पर वे नहीं मानें। आदेश थे कि वहां पर टंकी के साइड में जाल लगा दिया, ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो। मगर किसानों ने जाल लगाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद टीम वापस लौट आई।