समाचार · झारखंड
देश का कोयला उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन पार, नवंबर में दिल्ली के यशोभूमि में जुटेगा वैश्विक खनन उद्योग

धनबाद से मनोहर की रिपोर्ट
धनबाद : देश के खनन क्षेत्र में इनोवेशन, आधुनिक तकनीक और सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को देश की राजधानी नई दिल्ली में 'इंडिया माइनिंग वीक 2026' के कर्टेन रेजर कार्यक्रम का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया. इस विशेष समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि भारत का खनन क्षेत्र इस वक्त तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है. सरकार अपनी पारदर्शी नीतियों, तकनीकी इनोवेशन, टिकाऊ खनन और निवेश अनुकूल वातावरण के जरिए भारतीय खनन क्षेत्र को वैश्विक पटल पर प्रतिस्पर्धी बनाने में जुटी है. उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी इंडिया माइनिंग वीक देश-दुनिया के उद्योग जगत, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाएगा, जिससे नई तकनीक और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी.
100 से अधिक खनिज ब्लॉक परिचालन में
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद कोयला राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने देश के विकास में इस क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि खनन सिर्फ खनिज संपदा निकालने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार है. एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम में हुए ऐतिहासिक सुधारों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि अब तक 100 से अधिक नीलाम किए गए खनिज ब्लॉक परिचालन (ऑपरेशनल) में आ चुके हैं, जिनमें से अकेले 36 ब्लॉक इसी चालू वित्त वर्ष में शुरू किए गए हैं. इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉकों की सफल नीलामी पूरी की जा चुकी है. उन्होंने यह भी जानकारी साझा की कि देश का कोयला उत्पादन लगातार दूसरे साल एक अरब टन से अधिक रहा है और विभाग कोल गैसीफिकेशन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को लगातार बढ़ावा दे रहा है.
ये भी पढ़ें: जेल में घुसा सांप और डकैत को लिया डंस, अस्पताल में हो रहा इलाज
यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 15 से 17 नवंबर तक सजेगा महामंच
इस कर्टेन रेजर कार्यक्रम में डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा और टिकाऊ खनन जैसे बेहद संवेदनशील व तकनीकी विषयों पर भी गहन चर्चा हुई. इसी ऐतिहासिक अवसर पर क्रिटिकल एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉकों की आठवीं ट्रेंच का भी आधिकारिक शुभारंभ किया गया. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आगामी 15 से 17 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली के विश्वस्तरीय 'यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर' में आयोजित होने वाला मुख्य 'इंडिया माइनिंग वीक 2026' वैश्विक निवेश और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. इस कर्टेन रेजर कार्यक्रम में कोयला सचिव विक्रम देव दत्त, खान सचिव पीयूष गोयल, अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बरार सहित उद्योग जगत के कई शीर्ष अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
नवाचार और सतत खनन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा बीसीसीएल
कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने जिम्मेदार और पर्यावरण अनुकूल खनन के प्रति अपनी कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अत्याधुनिक तकनीकों के उपयोग, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पर्यावरण के अनुकूल खनन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. कंपनी देश के औद्योगिक और ऊर्जा विकास में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाते हुए जिम्मेदार खनन और सतत विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह संकल्पित है.
ये भी पढ़ें: खराब सड़कों और लेटलतीफी पर CM हेमंत ने अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी, 2 माह में व्यवस्था सुधारने का निर्देश