समाचार · मध्य प्रदेश
सीधी में शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचा:बच्चे बोले- 'सर रोज नशे में आते हैं'; कम उपस्थिति पर मिल रहा पूरा वेतन
सिहावल जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम डिहुली नंबर-4 स्थित प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल आने और परिसर में ही शराब पीने का आरोप लगा है। गुरुवार को इस घटना का एक वीडियो सामने आया, जिसके बाद की टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की पड़ताल की। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित इस विद्यालय में पहुंचने पर टीम को शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल स्कूल के कमरे में लेटे हुए मिले। पूछताछ में उन्होंने शराब पीने से इनकार करते हुए ब्लड प्रेशर बढ़ने का दावा किया। हालांकि, कुछ देर बाद वे लड़खड़ाते हुए ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाने पहुंचे और जिला कलेक्टर विकास मिश्रा का नाम गलत लिखकर "मनीष मिश्रा" कर दिया। विद्यालय के बच्चों ने बताया कि शिक्षक अक्सर शराब पीकर स्कूल आते हैं। उनके अनुसार, कई बार वे कक्षा में ही गिर जाते हैं, बच्चों पर गिर पड़ते हैं या उल्टी भी कर देते हैं। बच्चों ने यह भी बताया कि इसी वजह से कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। विद्यालय के दूसरे शिक्षक अशोक कुमार शर्मा ने दावा किया कि वे पिछले दो वर्षों से यह स्थिति देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक महीने में मुश्किल से दो-तीन दिन ही स्कूल आते हैं और अधिकांश समय नशे में रहते हैं। शर्मा के अनुसार, इस संबंध में कई बार संकुल प्राचार्य और बीआरसी कार्यालय में शिकायतें और उपस्थिति का रिकॉर्ड भी भेजा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपस्थिति कम होने पर पूरा वेतन दिया अशोक कुमार शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि वास्तविक उपस्थिति कम होने के बावजूद शिक्षक को पूरा वेतन जारी किया जाता रहा है। उनके अनुसार, पहले स्कूल में लगभग 200 बच्चे थे, जिनकी संख्या अब घटकर केवल 28 रह गई है। भेजी गई उपस्थिति पर वेतन जारी हुआ संकुल प्राचार्य टीकर सुरेश प्रसाद कोल ने वीडियो देखने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि शिक्षक को कई बार समझाया गया, लेकिन उनमें सुधार नहीं हुआ। वहीं, एसीएस दिवाकर प्रसाद शुक्ला ने बताया कि शिक्षक को वेतन संकुल से भेजी गई उपस्थिति के आधार पर जारी होता है। प्रारंभिक जानकारी में संबंधित शिक्षक के केवल चार दिन स्कूल आने की बात सामने आई है, जबकि पूरी उपस्थिति भेजी गई थी। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। डॉक्टर की सलाह पर शराब पीते हैं
शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल ने स्वीकार किया कि वे कभी-कभार शराब पीते हैं। उनका दावा है कि वे बीपी के मरीज हैं और एक डॉक्टर की सलाह पर शराब का सेवन करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि वे शराब की बोतल स्कूल लेकर आते हैं।