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इंस्टाग्राम पर एक्टिव थी सुदेश:मरने से एक दिन पहले डाली वीडियो; गाना लगाया-जे पहलां हार गई जिंदगी तो मर्जी अल्लाह दी
फतेहाबाद में सुसाइड करने वाली आंगनबाड़ी वर्कर सुदेश ने मरने से पहले वीडियो बनाया है। इस वीडियो में पति के नशा करने से परेशान होकर वह बच्चों को स्प्रे पिलाने और फिर खुद स्प्रे पीकर वाटर टैंक में कूदने की बात कहती नजर आ रही है। पुलिस को दी शिकायत में मृतका के भाई प्रवीण ने भी इस बात की जानकारी दी है। सुदेश इंस्टाग्राम पर भी पूरी एक्टिव रहती थी। सुसाइड करने से एक दिन पहले सुदेश ने अपनी इंस्टाग्राम पर आंगनबाड़ी में बैठे हुए अपनी वीडियो पोस्ट की। इस वीडियो में पंजाबी गीत लगाया, जिसके बोल थे- जे पहलां हार गई जिंदगी तों मर्जी अल्लाह दी, इस जन्म तां की कदे तैनु छड़ दी कल्ला नीं। सुदेश नियमित रूप से इंस्टाग्राम पर वीडियो डालती थी। अधिकांश वीडियो में वह अकेली ही नजर आती थी। कुछ वीडियो अपनी सास और बच्चों के साथ भी बनाई। बता दें कि, फतेहाबाद जिले के गांव मेहुवाला निवासी सुदेश ने गुरुवार को अपने दो बच्चों बेटी ज्योति (9) और बेटे विनीत (8) को पहले जहरीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद दोनों को लेकर घर में बने वाटर टैंक में कूद गई। इससे तीनों की मौत हो गई। सुमन अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित रहती थी। उसने वेलनैस कोच के तौर पर भी काम किया। काफी वीडियो वह आंगनबाड़ी सेंटर में बैठकर ही बनाती थी। 24 मई को ही सुदेश और उसके पति संदीप की 11वीं सालगिरह मनाई थी। इससे पहले 16 मई को बेटे विनीत का जन्मदिन मनाया था। उसके नई साइकिल लाकर दी थी। सुदेश की अपनी सास के साथ भी उसकी अच्छी बांडिंग रही है। इस मामले में पुलिस ने मृतका सुदेश के भाई प्रवीण की शिकायत पर उसके पति संदीप माचरा के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानिए… मृतका के भाई ने पुलिस को क्या बताया करीब 10 फीट गहरा है वाटर टैंक घर में पानी स्टोरेज के लिए बनाया गया वाटर टैंक करीब 10 फुट गहरा है। गुरुवार को ही पानी की सप्लाई आई थी। इस कारण वाटर टैंक को पूरी तरह भर लिया गया था। जिस समय यह घटनाक्रम हुआ, उस समय संदीप की मां और सुदेश की सास दवाई लेने के लिए सिरसा गई हुई थी। वहीं, संदीप भी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को पानी पिलाने गया हुआ था। जब वापस घर लौटा तो सुदेश और बच्चे नजर नहीं आए। इसके बाद उन्हें ढूंढा गया तो तीनों वाटर टैंक में डूबे हुए थे। बाद में ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। तीसरी और चौथी में पढ़ते थे बच्चे परिजनों के अनुसार, संदीप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। उनकी बेटी ज्योति गांव में ही चौथी क्लास जबकि बेटा विनीत तीसरी क्लास में पढ़ता था।