Wednesday, 2 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · हरियाणा

कांग्रेस जिलाध्यक्ष का रिव्यू लेने को कमेटी आज आएगी सिरसा:विधायक-सांसद, वर्करों से लिया जाएगा फीडबैक, संतोष के प्रति चल रही नाराजगी

INT News2 September 2026 at 09:13 am

सिरसा कांग्रेस पार्टी संगठन में गुटबाजी को देखते हुए ऑब्जर्वर की कमेटी आज सिरसा आएगी। इस दौरान सभी विधायकों, कांग्रेस समर्थक एवं सीनियर नेताओं और जिलाध्यक्ष से फीडबैक लिया जाएगा। ये कमेटी आज से ही हलका वाइज एरिया में दौरा करेगी और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेगी। दरअसल, पिछले कई दिनों से कांग्रेस में कुछ जिलाध्यक्षों के प्रति विधायकों एवं वर्करों की नाराजगी पर उनके बदलने की अटकलें चल रही है। इस पर पार्टी संगठन मीटिंग में कई बार चर्चा हुई। गत मीटिंग के दौरान कुछ जिलाध्यक्षों ने भी खुलकर विचार रखें कि अगर पार्टी को लगता है कि वे गलत है तो इसके लिए कमेटी बनाकर जांच कराए। उसमें सबका पता चल जाएगा। ऐसे में पार्टी हाईकमान ने सभी जिलों में सीडब्ल्यूसी सदस्यों की टीम भेजी है, जो फीडबैक लेकर रिपोर्ट बनाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही जिलाध्यक्षकों के बदलने पर विचार होगा। सिरसा सहित बाकी जिलाध्यक्षों का एक साल से ज्यादा का कार्यकाल पूरा हो गया है तो रिव्यू आवश्यक है। गुटबाजी रोकने को सभी से रिव्यू लिया जाएगा। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा। पार्टी ने इसे संगठन सर्जन अभियान बताया है पार्टी ने इसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा चलाए गए संगठन सर्जन अभियान बताया है। इसी के तहत सीडब्ल्यूसी सदस्य यशोमति ठाकुर व प्रदेश प्रवेक्षक गुहला-चीका विधायक विधायक देवेंद्र हंस, गायत्री देवी, मनोज राठी दो सितंबर (बुधवार) दोपहर 1.30 बजे कांग्रेस भवन सिरसा में पहले संगठनात्मक गतिविधियों को सांझा करते हुए मीटिंग लेंगे और इसके बाद मीडिया से रूबरू होंगे। संगठन में ये बड़ी समस्या, जो चुनौती बनी संगठन में सबसे बड़ी समस्या ये आ रही है कि जब पार्टी का कोई कार्यक्रम या प्रदर्शन होता है तो सब एक साथ नहीं आते। जिलाध्यक्षों के लिए यहीं सबसे बड़ी चुनौती है। सिरसा में भी ऐसे ही हालात है। पिछले दिनों हुए प्रदर्शन व पार्टी कार्यक्रम में सांसद व विधायक अलग और जिलाध्यक्ष अपना अलग कार्यक्रम रखते हैं। इसमें वर्करों के उनके कार्यक्रम में पहुंच पाना चुनौती हो जाता है। सिरसा में ये बदलाव सिरसा में पहले जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल अक्सर सांसद कुमारी सैलजा के साथ नजर आती थी और विधायक शीशपाल कहरवाला के अलावा बहुत कम दिखते थे। अब ऐसा है कि जिलाध्यक्ष संतोष पार्टी के अपने कार्यक्रम करती है, परंतु सांसद के साथ नहीं दिखती और तीनों विधायक व सीनियर नेता सांसद कुमारी सैलजा के साथ हो गए हैं। ऐसे शुरू हुआ विवाद पहले सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह में कंट्रोवर्सी चल रही थी और एक-दूसरे के खिलाफ विरोधी बयानबाजी चली। सिरसा में संकल्प यात्रा के दौरान जिलाध्यक्ष संतोष पार्टी के नाते बृजेंद्र सिंह से जा मिली और यात्रा में शामिल हुई। इसके बाद जिलाध्यक्ष से सांसद कुमारी सैलजा ने दूरी बना ली। पिछले दिनों रानियां दौरे के दौरान जिलाध्यक्ष संतोष ने भी विवादित बयान दिया कि मुझे जिलाध्यक्ष बनाने में सांसद सैलजा का कोई रोल नहीं है। पार्टी ने उसे बनाया है और वह बिना नेताओं के पार्टी के लिए काम कर रही है। इस बयान के बाद हुड्‌डा और सैलजा गुट से विधायक और सांसद एक हो गए और जिलाध्यक्ष से किनारा कर लिया। तब से जिलाध्यक्ष के प्रति रोष है और ये बातें पार्टी संगठन तक जा पहुंची। इस पर पार्टी संगठन में कई बार गुटबाजी पर चर्चा भी हुई है, जिसके बाद ये कमेटी बनाई गई।