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UP में जल जीवन मिशन की टंकियों पर ED की नजर, निर्माण से भुगतान तक क्यों खंगाला जाएगा हिसाब? इन कंपनियों-संस्थाओं के दस्तावेज भी मांगे

UP Jal Jeevan Mission: उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच का दायरा बढ़ाया है. ईडी की लखनऊ इकाई ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से वर्ष 2019 से अब तक ढही, रिसाव वाली और असुरक्षित घोषित की गई टंकियों का ब्योरा मांगा है. इसके साथ ही टंकियों के निर्माण, ठेके, गुणवत्ता जांच, अनुबंध और कंपनियों को किए गए भुगतान से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए गए हैं.
टंकियों से लेकर भुगतान तक मांगा पूरा रिकॉर्ड
ईडी ने 27 अगस्त को जल निगम (ग्रामीण) के एमडी को पत्र भेजकर पीएमएलए, 2002 की धारा 54 के तहत जानकारी मांगी है. इसमें टंकियों के क्षतिग्रस्त होने के मामले, संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की भूमिका, दर्ज एफआईआर, सरकारी धन के नुकसान और उसकी वसूली की स्थिति का विवरण शामिल है. इसके अलावा प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति, टेंडर, डीपीआर, स्ट्रक्चरल डिजाइन, ड्राइंग, वर्क ऑर्डर, अनुबंध राशि और काम पूरा होने की तारीख भी मांगी गई है.
गुणवत्ता जांच की रिपोर्ट भी जांच के दायरे में
ईडी ने निर्माण से पहले किए गए मिट्टी परीक्षण, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट, मिक्स डिजाइन, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और गुणवत्ता ऑडिट से जुड़ी रिपोर्ट मांगी है. सीमेंट, एग्रीगेट और सरिया की मटेरियल टेस्टिंग रिपोर्ट के साथ ठेकेदार, सब-कॉन्ट्रेक्टर और टीपीआई एजेंसी को किए गए भुगतान के आरए बिल, अंतिम बिल और बैंक खातों का विवरण भी तलब किया गया है. जल जीवन मिशन के IMIS पोर्टल पर दर्ज निर्माण, प्रगति और पूर्णता संबंधी प्रविष्टियों, तस्वीरों और भुगतान से पहले टंकी की संरचनात्मक मजबूती की जांच करने वाले अधिकारियों के नाम-पद की जानकारी भी मांगी गई है.
इन कंपनियों और संस्थाओं से जुड़े दस्तावेज भी मांगे
ईडी ने इन्फोटेक सॉल्यूशंस नोएडा, विल्सन ग्रीन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड अहमदाबाद, एक्शन फॉर रूरल डेवलपमेंट ग्रेटर नोएडा, ऐपइन्वेंटिव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड नोएडा, न्यू जेनेसिस दिल्ली, प्योर लाइफ सोसाइटी अमरावती, संग्यान लखनऊ, एम्बर प्रेस प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ, सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान लखनऊ, वेलफेयर एंड इलस्ट्रेशन ऑफ नीडी ग्रामीण सोसाइटी लखनऊ, स्वजन फाउंडेशन लखनऊ, फॉल्कन मुंबई और जानकी प्रसाद मेमोरियल रिसर्च एंड एजुकेशनल ट्रस्ट महाराजगंज से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं. इनमें एजेंसियों के चयन के लिए जारी प्रस्ताव आमंत्रण दस्तावेज, नियम-शर्तें, अनुबंध राशि, सौंपे गए कार्य, तकनीकी व वित्तीय बोलियां और भुगतान के लिए जमा किए गए बिल शामिल हैं.
पूर्व IPS ने भी उच्च स्तरीय जांच की मांग की
रिपोर्ट के अनुसार पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर ईडी के पत्रों का हवाला दिया है. उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. ईडी की ओर से मांगे गए दस्तावेजों में निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता से लेकर ठेका प्रक्रिया और भुगतान तक की जानकारी शामिल होने से जांच का दायरा कई स्तरों तक दिखाई देता है.
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