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झारखंड में 5.50 लाख बच्चों का स्कूल छूटा, शिक्षा सचिव ने दिए दोबारा नामांकन के निर्देश

INT News24 October 2026 at 02:46 pm

रांची : झारखंड में स्कूल छोड़ने वाले लगभग 5.50 लाख बच्चों का अब तक दोबारा नामांकन नहीं हुआ है. इन बच्चों के स्कूल छोड़ने का ब्योरा तो शिक्षा विभाग के पास उपलब्ध है, लेकिन आगे की कक्षा या दूसरे स्कूल में नामांकन लेने की जानकारी नहीं है. विभागीय रिकॉर्ड में इन बच्चों की ऑनलाइन नामांकन स्थिति ड्रॉप बॉक्स में दर्ज है. इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के नामांकन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर विभाग ने गंभीरता दिखाई है. सभी जिलों को ऐसे बच्चों की पहचान कर उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक में इस संबंध में जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रॉप बॉक्स में दर्ज बच्चों के नामांकन की स्थिति की जांच की जाये. यह पता लगाया जाये कि किन बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है और किनका दूसरे स्कूल में नामांकन हुआ है, लेकिन इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं है. साथ ही जिन बच्चों का नामांकन नहीं हुआ है, उन्हें चिह्नित कर स्कूल से जोड़ने का निर्देश है.

डीईओ और डीएसई की भी जिम्मेदारी तय करने का निर्देश

शिक्षा सचिव ने इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) की जिम्मेदारी भी तय करने का निर्देश दिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा. विभाग का जोर इस बात पर है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहे और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके.

शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करें

बैठक में स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की गयी. शिक्षा सचिव ने सभी जिलों को शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित निगरानी की जाये, ताकि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता और उपस्थिति की वास्तविक स्थिति का पता चल सके. इसके अलावा शिक्षकों की उपस्थिति के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति की भी समीक्षा की गयी. विभाग की ओर से जिलों को स्कूलों में नियमित उपस्थिति बढ़ाने पर ध्यान देने को कहा गया. शिक्षा विभाग विभिन्न स्तरों पर स्कूलों की गतिविधियों और योजनाओं की समीक्षा कर रहा है, ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके.

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नामांकन के अनुपात में 55 से 60 फीसदी बच्चे ही खा रहे मध्याह्न भोजन

बैठक में मध्याह्न भोजन योजना की भी समीक्षा की गयी. इस दौरान जिलावार कक्षा एक से आठ तक नामांकित विद्यार्थियों और मध्याह्न भोजन करने वाले बच्चों की संख्या की जानकारी ली गयी. समीक्षा में सामने आया कि स्कूलों में नामांकित बच्चों की तुलना में मध्याह्न भोजन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है. औसतन 55 से 60 फीसदी बच्चे ही मध्याह्न भोजन कर रहे हैं. इस पर शिक्षा सचिव ने सभी जिलों को मध्याह्न भोजन करने वाले बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया. जिलों से कहा गया कि नामांकन और मध्याह्न भोजन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में अंतर के कारणों की समीक्षा की जाये. यह सुनिश्चित किया जाये कि योजना का लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचे. साथ ही, स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की नियमित निगरानी करने को कहा गया.

शिक्षकों को वरीय वेतनमान देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करें

विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षकों के वरीय वेतनमान का मामला भी उठा. शिक्षा सचिव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पात्र शिक्षकों को वरीय वेतनमान देने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया. उन्होंने इस मामले में अनावश्यक विलंब नहीं करने को कहा. बैठक में माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद, झारखंड शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन समेत विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक में स्कूलों में नामांकन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना और शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा की गयी.

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