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ग्वालियर में फिल्मी स्टाइल में युवक का अपहरण:मृत दोस्त के ₹40 हजार के कर्ज के लिए सरेराह पीटा; घेराबंदी कर पुलिस ने बदमाशों को पकड़ा
ग्वालियर के सिरोल थाना क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात कर्ज वसूली को लेकर सरेराह खूनी संघर्ष और अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डेढ़ साल पहले सड़क हादसे में मर चुके एक दोस्त के ₹40,000 के कर्ज को चुकाने के लिए चार बदमाशों ने ढाबे पर खाना खाने आए युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों को बेरहमी से पीटा और एक को जबरन कार में डालकर अगवा कर ले गए। वारदात के बाद हरकत में आई सिरोल पुलिस ने आधी रात को ही पूरे शहर में नाकेबंदी कराई। कंट्रोल रूम की मुस्तैदी और महज 1 घंटे की तगड़ी घेराबंदी के बाद रात 3 बजे पुलिस ने अपहृत युवक को सुरक्षित छुड़ाकर मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। मृत दोस्त के कर्ज के बदले रख ली थी बुलेट, फिर मांग रहे थे पैसे मूल रूप से पोरसा (मुरैना) निवासी 22 वर्षीय विवेक किरार वर्तमान में सिरोल की फूटी कॉलोनी में रहता है। विवेक ने बताया कि लगभग दो साल पहले उसका साथी यश सोलंकी उसके साथ मऊ स्थित एक किराए के होटल में काम करता था। यश ने तब सुनारपुरा निवासी शिवम गुर्जर से ₹40,000 उधार लिए थे। करीब डेढ़ साल पहले एक सड़क दुर्घटना में यश की मौत हो गई। यश की मौत के बाद से ही शिवम गुर्जर उस कर्ज की रकम विवेक से वसूलने के लिए दबाव बना रहा था। इस एवज में शिवम ने जबरन विवेक की रॉयल एनफील्ड (बुलेट) मोटरसाइकिल भी अपने पास रख ली थी, जिसे विवेक ने बड़ी मुश्किल से वापस लिया। तब से शिवम उसे आए दिन गाली-गलौज कर धमकी दे रहा था। ढाबे के बाहर घेरकर की मारपीट, सरेराह किया अपहरण 16 जुलाई की रात करीब 11 बजे विवेक अपने साथी धीरज गौड़ और नीरज गौड़ के साथ अपनी हुंडई औरा कार से सिरोल हाईवे स्थित ज्योति ढाबे पर खाना खाने गया था। रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच जब वे खाना खाकर पीतांबरा ढाबे के पास सिगरेट लेने पहुंचे और वापस अपनी गाड़ी की तरफ आ रहे थे। तभी शिवम गुर्जर अपने तीन साथियों अभिषेक जाट, राजू उर्फ अंशू गुर्जर और एक नाबालिग के साथ वहां आ धमका। शिवम ने आते ही विवेक का रास्ता रोका और ₹40,000 की मांग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विवेक ने जब मना किया, तो शिवम ने पास पड़ी लकड़ी उठाकर विवेक के सिर पर दे मारी। विवेक को बचाने आए धीरज गौड़ के सिर पर अभिषेक जाट ने डंडे से हमला कर दिया, जिससे धीरज का सिर फट गया और खून बहने लगा। बाकी दो साथियों ने उन्हें दबोच लिया और जान से मारने की धमकी देने लगे। जान बचाने के लिए जब विवेक और धीरज वहां से भागे, तो चारों बदमाशों ने धीरज के भाई नीरज गौड़ जबरन अपनी कार में डाला और अपहरण कर ले गए। नाकेबंदी के बाद रात 3 बजे गोविंदपुरी से पकड़े गए आरोपी इसी बीच हाईवे पर मौजूद किसी राहगीर ने सिरोल थाने को सूचना दे दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल विवेक व धीरज को मुरार के सरकारी अस्पताल ले जाकर उनका मेडिकल कराया। आधी रात को सरेराह अपहरण की खबर मिलते ही सिरोल थाना पुलिस ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट किया। कंट्रोल रूम के निर्देश पर पूरे ग्वालियर शहर में नाकेबंदी कर दी गई और बिना नंबर की बलेनो कार की तलाश शुरू हुई। पुलिस की मुस्तैदी रंग लाई और वारदात के महज एक घंटे बाद, रात करीब 3 बजे पुलिस टीम ने गोविंदपुरी इलाके से घेराबंदी करके आरोपियों को दबोच लिया और अपहृत नीरज गौड़ को सकुशल मुक्त करा लिया। सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बागोली ने बताया- आधी रात सिरोल में हाईवे से लेनदेन को लेकर हुए विवाद में कार सवार बदमाशों ने मारपीट की थी। मारपीट के बाद बदमाश एक युवक को जबरन कार में डालकर ले गए थे। जिसे घेराबंदी की छुड़ा लिया गया है। सभी चार आरोपी पकड़े गए हैं। जिनमें से एक आरोपी नाबालिग है।