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MP में 42 लाख वोटरों के नाम काटने का आरोप:नसीम खान बोले- 'चुनाव आयोग के सवालों का जवाब BJP प्रवक्ता दे रहे'; SIR रद्द करने की मांग
देशभर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए देशभर में आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट से 42 लाख नाम काटे जाने का कांग्रेस दावा कर रही है। कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और मध्यप्रदेश के AICC ऑब्जर्वर मोहम्मद आरिफ (नसीम) खान ने रविवार को गांधी भवन स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और बूथ-बूथ जाकर मतदाता सूची की जांच करेंगे। इसके लिए प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं और जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित अन्य नेता मौजूद रहे। 42 लाख नाम कटने के दावे पर कांग्रेस ने उठाए सवाल नसीम खान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मतदाता सूची से करीब 42 लाख नाम काटे गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मामला गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की हार करीब 32 लाख वोटों के अंतर से हुई थी। खान ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है और देश की जनता को उससे पारदर्शी तरीके से काम करने की उम्मीद है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच हो और जिन पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा जोड़ा जाए। गांव-गांव पहुंचेगी कांग्रेस, बूथ स्तर पर होगी वोटर लिस्ट की जांच कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की रणनीति बनाई है। नसीम खान ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता मतदाता सूचियां लेकर गांवों और बूथों तक जाएंगे। वे नामों की जांच करेंगे और जिन मतदाताओं के नाम सूची से गायब मिलेंगे, उनके मामलों की पड़ताल कर नाम जुड़वाने की प्रक्रिया में मदद करेंगे। अभियान के तहत जगह-जगह रैलियां निकाली जाएंगी, पदयात्राएं होंगी और जन-जागरण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। चौपालों पर बैठकें करने के साथ जिला मुख्यालयों पर भी बैठकें आयोजित की जाएंगी। कांग्रेस का दावा है कि इस अभियान के जरिए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। एमपी समेत देशभर में प्रदर्शन होंगे