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फतेहाबाद में नगरपालिका कर्मियों की सरकार को चेतावनी:रतिया विधायक को सौंपा ज्ञापन; ठेका प्रथा खत्म करने समेत 17 मांगें
हरियाणा में नगरपालिका, नगर परिषद, नगर निगम और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कर्मचारियों ने फतेहाबाद जिले के रतिया के विधायक जरनैल सिंह को ज्ञापन सौंपकर आगामी विधानसभा सत्र में इन मांगों को प्रमुखता से उठाने की अपील की है। कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समझौते को लागू नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह ज्ञापन सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा की ओर से सौंपा गया। संघ के अनुसार, 13 मई को सरकार के साथ कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति बनी थी। हालांकि, इन मांगों को अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिसके विरोध में कर्मचारियों को 6 अगस्त से दोबारा हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। लंबे समय से सुविधाएं नहीं मिल रही कर्मचारियों की मुख्य मांगों में पालिका रोल, पे-रोल और अनुबंधित सफाई व सीवर कर्मचारियों के साथ-साथ अग्निशमन विभाग के फायरमैन एवं चालकों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा, सफाई, सीवर और डोर-टू-डोर कचरा उठाने के कार्यों से ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई है। संघ चाहता है कि इन कर्मचारियों को सीधे विभाग के रोल पर लिया जाए, क्योंकि ठेका प्रथा के कारण उन्हें आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छंटनीग्रस्त कर्मियों को डयूटी पर लेने की मांग ज्ञापन में सफाई एवं सीवर कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने और उन्हें 5 हजार रुपए मासिक जोखिम भत्ता देने की मांग भी शामिल है। कर्मचारी संघ ने गुरुग्राम के 3,480 कर्मचारियों सहित पलवल, कैथल, हिसार और अन्य जिलों के 5 हजार से अधिक छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर लेने की मांग की है। साथ ही, हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की भी अपील की गई है। शहीद कर्मियों के परिवारों को 50-50 लाख सहायता संघ ने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को पक्की नौकरी देने की मांग की। इसके अलावा सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। पदोन्नति और कैशलेस मेडिकल सुविधा की मांग पढ़े-लिखे सफाई कर्मचारियों को ग्रुप-सी पदों पर पदोन्नति देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाने तथा आबादी के अनुपात में नए नियमित पदों का सृजन करने की मांग भी कर्मचारियों ने उठाई। सरकार पर दबाव बनाने की विधायक से अपील कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सफाई और सीवर कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक एवं सामाजिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने विधायक जरनैल सिंह से विधानसभा में कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से उठाने और सरकार से पूर्व में हुए समझौतों को लागू करवाने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों और समझौतों को जल्द लागू नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।