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मंगलनाथ मंदिर में नई जलाधारी अर्पित:20 किलो चांदी से बनी, 50 लाख रुपए है कीमत
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध मंगलनाथ मंदिर में शुक्रवार को भगवान मंगलनाथ को लगभग 20 किलोग्राम चांदी से निर्मित नई जलाधारी अर्पित की गई। हैदराबाद के अमर ओहरी और सोनल ओहरी ने यह जलाधारी दान की है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए बताई गई है। इसकी स्थापना के लिए मंदिर में पूरे वैदिक विधान से पूजन, यज्ञ और अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मंदिर के मुख्य पुजारी महंत अक्षय भारती ने बताया कि भगवान की पूर्व जलाधारी वर्ष 2007 में स्थापित की गई थी। लंबे समय तक उपयोग के कारण उसमें कई छोटे-छोटे छेद हो गए थे। इन छेदों के कारण सेवा और आरती के दौरान पुजारियों, श्रद्धालुओं और यजमानों को असुविधा होती थी। कई बार ये छेद हाथों में चुभ जाते थे। इसी समस्या को देखते हुए नई जलाधारी स्थापित करने की आवश्यकता महसूस की गई। पुजारी के अनुसार, भगवान की प्रेरणा से हैदराबाद के यजमान अमर ओहरी और सोनल ओहरी ने लगभग 20 किलोग्राम चांदी दान कर नई जलाधारी तैयार कराने का संकल्प लिया। यजमानों की भावना के अनुरूप, जलाधारी की नाप लेकर लगभग 20 किलोग्राम चांदी से नई जलाधारी तैयार की गई, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपए है। इसकी स्थापना से पूर्व विद्वान आचार्यों द्वारा विधिवत पूजन, हवन और यज्ञ कराया गया। मंदिर प्रशासन के अनुसार, गर्भगृह में पुरानी जलाधारी हटाकर नई स्थापित करने के लिए निर्धारित मुहूर्त में प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान लगभग सात घंटे तक गर्भगृह के कपाट बंद रहे और श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा। मुख्य पुजारी महंत अक्षय भारती ने बताया कि नई जलाधारी स्थापित होने के बाद भगवान मंगलनाथ का स्वरूप पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और पूर्ण दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी जलाधारी के कारण भगवान का स्वरूप पूरी तरह निखरकर सामने नहीं आ पा रहा था।