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गुजरात में मानसून की अब तक एक चौथाई से ज्यादा बारिश, दक्षिण गुजरात में सबसे अधिक

INT News17 July 2026 at 10:26 pm

अहमदाबाद गुजरात में इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रही है। राज्य में गत 24 जून को मानसून की एंट्री 9 दिनों की देरी से हुई थी। 23 दिनों बाद प्रदेश में अब तक एक चौथाई से अधिक बारिश हो चुकी है। शुक्रवार तक 231.91 मिमी (करीब 9.13 इंच) बरसात दर्ज की गई जो सामान्य वर्षा का 25.52 प्रतिशत है। कच्छ में सबसे कम क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार दक्षिण गुजरात में सामान्य वर्षा के मुकाबले सबसे अधिक 35.76 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है। यहां अब तक करीब 21.71 इंच वर्षा हो चुकी है। इस क्षेत्र की तहसीलें सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल रहीं। इसके बाद सौराष्ट्र में 28.67 फीसदी, पूर्व-मध्य गुजरात में 18.10, उत्तर गुजरात में 14.42 तथा कच्छ में सबसे कम 3.32 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य में अब तक सिर्फ पांच तहसीलों में बारिश की एक बूंद नहीं गिरी है जिसमें कच्छ जिले की 4 तहसीलें-अबडासा, लखपत, मांडवी व मुंद्रा शामिल है। वहीं इस सूची में देवभूमि द्वारका की द्वा्रका तहसील भी हैं। कुछ दिनों के विराम के बाद शुरू हुआ बारिश का दौर गुजरात में पिछले कुछ दिनों से विराम के बाद बारिश का दौर फिर से शुरू हुआ है। शुक्रवार शाम चार बजे तक राज्य की 57 तहसीलों में वर्षा दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक बारिश वलसाड जिले की कपराडा तहसील में 3.07 इंच रिकॉर्ड की गई। नवसारी जिले की खेरगाम में 2.05 इंच तथा भावनगर तहसील में 1.38 इंच वर्षा हुई। वलसाड के ही नाना पोंढा में 1.06 तथा धरमपुर, पारडी, डांग जिले के वघई, नवसारी के वांसदा, वलसाड व मातर में एक इंच से कम बारिश हुई। आगामी दिनों में राज्य के विविध भागों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है। इन पांच तहसीलों में अब तक एक बूंद भी नहीं जिला - तहसील कच्छ - अबडासा, लखपत, मांडवी, मुंद्रा देवभूमि द्वारका - द्वारका मूसलाधार बारिश से पेटलाद में जगह-जगह भरा पानी, गड्ढे में फंसी 112 पुलिस वैन आणंद जिले के पेटलाद शहर में गुरुवार शाम हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कुछ ही देर की तेज बारिश में शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान नगर पालिका की ओर से सड़क खुदाई के बाद मरम्मत नहीं किए जाने का मामला भी सामने आया, जब आपातकालीन सेवा के लिए जा रही 112 पुलिस पेट्रोलिंग वैन सड़क किनारे बने गड्ढे में फंस गई। हालांकि स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से वाहन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बारिश के बाद पठानवाड़ा, स्टेशन रोड, एसटी बस स्टैंड, स्टेशन चौकी, एन.के. हाईस्कूल, टाउनहॉल क्षेत्र, गंज बाजार के पीछे का मार्ग, साईंनाथ चौकड़ी रोड, कॉलेज चौकड़ी, गफूर बस्ती, देवकुवा भागोल, मलाव क्षेत्र, रजा चौक और ताईवाड़ा सहित कई इलाकों में पानी भर गया। मुख्य मार्गों पर जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रणछोड़जी चौकड़ी से कॉलेज चौकड़ी तक आइकोनिक रोड परियोजना के तहत सड़क किनारे की गई खुदाई के बाद गड्ढे में पानी भर गया। इसी गड्ढे में 112 पुलिस पेट्रोलिंग वैन का अगला पहिया धंस गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। बाद में स्थानीय लोगों और प्रशासन की सहायता से वाहन को बाहर निकाला गया। इस दौरान लोगों ने नगरपालिका के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।