समाचार · मध्य प्रदेश
नाबालिग का अपहरण-बेचा, 5 दोषियों को 20-20 साल की सजा:जबरन शादी के बाद रेप किया था, मैहर पॉक्सो कोर्ट ने 3 साल बाद सुनाया फैसला
मैहर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और मानव तस्करी के मामले में 5 दोषियों को 20-20 साल की सख्त सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश मानवेन्द्र पवार की कोर्ट ने बुधवार को यह फैसला सुनाया, जिसकी जानकारी गुरुवार को मीडिया को दी गई। घटना 15 जून 2023 की सुबह करीब 5 बजे की है। नाबालिग लड़की अपने घर के बाहर पानी भरने गई थी, तभी आरोपी राजू मेवाड़ा ने अपने साथी की मदद से उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और भगा ले गया। इसके बाद अन्य आरोपियों की मदद से बच्ची को 40 हजार रुपए में सुनील गौर को बेच दिया गया। सुनील ने नाबालिग से जबरन शादी की और उसके साथ दुष्कर्म किया। 5 आरोपी ठहराए गए दोषी शिकायत मिलते ही पुलिस ने लड़की को सुरक्षित ढूंढ़ा और पीड़िता के बयान और मेडिकल सबूतों के आधार पर केस दर्ज किया। मामले में कोर्ट ने राजू मेवाड़ा, नीता रावत, सुनील गौर, दिनेश उर्फ देवनारायण गौर और भूरीबाई कोल को दोषी करार दिया है। 20-20 साल की जेल और जुर्माने की सजा अदालत ने सभी दोषियों को अपहरण, मानव तस्करी, आपराधिक साजिश और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में 20-20 साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। इस केस में उपनिरीक्षक भैयालाल रावत ने जांच की और विशेष लोक अभियोजक पंकज कुमार पटेल ने मजबूती से पक्ष रखा, जिससे दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सकी।