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कलेक्टर ने 41 पंचायतों की सुनवाई में सख्ती दिखाई:लापरवाही पर दो आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नोटिस, पंचायत सचिव निलंबित
उज्जैन, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को बड़नगर में जिलास्तरीय जनविश्वास शिविर आयोजित किया गया। इसमें प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने 41 पंचायतों से आए आवेदनों की सुनवाई करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए कहा, साथ ही शासकीय कार्य में लापरवाही पर कार्रवाई के लिए कहा। शिविर में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रकरण, खाद्यान्न पर्ची, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, बीपीएल, समग्र कार्ड, संबल योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया, और लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र भी दिए गए। वहीं ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उनमें अधिकारियों को समय-सीमा तय कर अगली विकासखंड स्तरीय जनविश्वास शिविर से पहले समाधान के लिए कहा। शिविर के दौरान ग्राम असावदा के दो आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ज्योति वैष्णव सूचना के बावजूद अनुपस्थित पाई गईं, जबकि सुमित्रा शर्मा के केंद्र पर लाभार्थी मौजूद नहीं थे। इन दोनों मामलों में सात दिवस के मानदेय को राजसात करने के साथ सेवा समाप्ति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक आशा गट्टानी की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर एक वेतनवृद्धि रोकने की अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा गया। वही ग्राम झालारिया पंचायत के सचिव दिनेश मकवाना पर भी कार्रवाई के लिए कहा गया। कलेक्टर ने देखा कि उन्होंने कल्याणी योजना के एक पात्र लोगो को योजना का लाभ नहीं दिलाया था। इस मामले में कलेक्टर ने पंचायत सचिव को निलंबित करने के निर्देश दिए।