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जम्मू कश्मीर में तैनात बेगूसराय के BSF जवान मनीष सिंह की मौत, चार दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत, वेंटिलेटर पर गई जान

BSF Jawan Manish Kumar Singh : जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात बेगूसराय के रतनपुर निवासी BSF जवान मनीष कुमार सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. ड्यूटी के दौरान करीब चार दिन पहले अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी थी. हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. बुधवार को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी थी तबीयत
बेगूसराय के रतनपुर निवासी BSF जवान मनीष कुमार सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात थे. करीब चार दिन पहले ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
दो दिन पहले वेंटिलेटर पर रखा गया
अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था. हालत में सुधार नहीं होने पर करीब दो दिन पहले उनकी स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई. इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था.
बुधवार को इलाज के दौरान हुई मौत
परिजनों और साथी जवानों को उम्मीद थी कि मनीष कुमार सिंह इलाज के बाद स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे. हालांकि बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही रतनपुर स्थित उनके घर में कोहराम मच गया.
सैन्य अभियानों में निभाई अहम भूमिका
परिजनों के मुताबिक BSF में नौकरी लगने के बाद मनीष कुमार सिंह ने अपने कार्यकाल का बड़ा हिस्सा सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्यूटी करते हुए बिताया. देश की सुरक्षा से जुड़े कई बड़े सैन्य अभियानों में भी उनके शामिल रहने की बात कही जा रही है.
ऑपरेशन सिंदूर में भी भूमिका का दावा
हाल में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई कार्रवाई में भी मनीष कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. परिजनों के अनुसार उन्होंने देश की सेवा के दौरान कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया था.
शरीर पर गोली लगने के निशान होने की बात
परिजनों ने बताया कि मनीष के शरीर पर गोली लगने के कई निशान भी थे. परिवार के अनुसार वह देश की रक्षा करते हुए लगातार जोखिम भरे क्षेत्रों में ड्यूटी करते रहे.
खुशमिजाज और मिलनसार थे मनीष
रतनपुर के लोगों के बीच मनीष कुमार सिंह की पहचान एक खुशमिजाज और मिलनसार युवक के रूप में थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक छुट्टी में घर आने पर वह लोगों से बेहद आत्मीयता से मिलते थे.
मौत की खबर से इलाके में पसरा मातम
मनीष के अचानक निधन की खबर से उनके परिचित और शुभचिंतक स्तब्ध हैं. जैसे-जैसे उनके निधन की जानकारी इलाके में फैली, बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पार्थिव शरीर लाने के लिए परिजन रवाना
मनीष कुमार सिंह के निधन की जानकारी मिलने के बाद उनके भतीजे और साला कुपवाड़ा के लिए रवाना हो गए हैं. वे वहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पार्थिव शरीर लेकर वापस लौटेंगे.
तिरंगा यात्रा निकालकर दी जाएगी अंतिम विदाई
रतनपुर के लोग मनीष के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद तिरंगा यात्रा निकालकर उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी की जा रही है.
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ेगा जनसैलाब
मनीष कुमार सिंह की मौत ने उनके परिवार के साथ पूरे रतनपुर को गम में डुबो दिया है. जिस जवान ने अपनी जिंदगी का बड़ा हिस्सा देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगा दिया, अब उसी जवान के अंतिम दर्शन के लिए पूरा इलाका इंतजार कर रहा है.
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