Thursday, 3 September 2026
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जमीन विवाद में तलवार व सरिये से हमला:7 साल बाद कोर्ट का फैसला, 5 आरोपियों को 7-7 साल की सजा; दो पत्नियों के कारण हुआ था विवाद

INT News3 September 2026 at 08:08 am

रतलाम में जमीन विवाद में तलवार, लोहे के सरिए और लाठियों से हमला करने के करीब सात साल पुराने मामले में कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश रतलाम राजेश नामदेव की अदालत ने माना कि आरोपियों ने एकजुट होकर घायलों पर हमला किया था। घटना में इस्तेमाल तलवार और लोहे के सरिए को न्यायालय ने घातक हथियार माना। घर के बाहर घेरकर किया था हमला अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि 23 अक्टूबर 2019 की सुबह बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम कुड़ीपाड़ा में भूमि विवाद को लेकर आरोपियों ने धूलीबाई के घर के बाहर उसकी बेटी सुभद्रा और दामाद नरसींग के साथ मारपीट की थी। आरोपी बाबू भाभर ने तलवार से नरसींग के सिर पर वार किया था। अन्य आरोपियों ने लोहे के सरिए और लाठियों से दोनों पर हमला किया। धूलीबाई बीच-बचाव करने पहुंची तो उसके साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों ने जमीन नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। सिर में गंभीर चोट, अहमदाबाद में हुआ ऑपरेशन हमले में नरसींग के सिर में गंभीर चोट आई थी। हालत गंभीर होने पर उसे सिविल अस्पताल अहमदाबाद रेफर किया गया, जहां ऑपरेशन कर सिर से ट्यूमर निकाला गया था। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगा टॉवेल और बिस्तर जब्त किए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर तलवार और लोहे का सरिया भी बरामद किया गया। 14 बीघा जमीन को लेकर था विवाद मामला सोना के नाम दर्ज करीब 14 बीघा जमीन को लेकर था। फरियादी धूलीबाई सोना की दूसरी पत्नी थी, जबकि पांचों आरोपी उसकी पहली पत्नी लीलाबाई के रिश्तेदार बताए गए हैं। जमीन को हांकने और बोने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और मेडिकल रिपोर्ट अहम कोर्ट ने फरियादी धूलीबाई, घायल नरसींग, घायल सुभद्रा और प्रत्यक्षदर्शी संध्या डोडियार के बयानों को विश्वसनीय माना। घायलों की मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों को भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण माना गया। इन आरोपियों को मिली सजा कोर्ट ने बाबू पिता गिरधारी भाभर (55), नानालाल उर्फ नानजी पिता वागुजी देवदा (45), चम्पालाल पिता नानुराम भूरिया (45), राधेश्याम पिता नानुराम भूरिया (36) और देवराम पिता नगजी मईड़ा (63) को दोषसिद्ध करते हुए 5-5 साल की सजा सुनाई है।