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अर्नब तूफान का बिहार-UP, झारखंड और बंगाल पर क्या होगा असर? जानें अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में दिखना शुरू हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार डीप डिप्रेशन से बनने वाला चक्रवात अगर जमीन तक पहुंचा तो इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा. खासकर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज बारिश होने की संभावना है.
Cyclone Alert : डीप डिप्रेशन की क्या है मौजूदा स्थिति
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना शक्तिशाली मौसम सिस्टम अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है. IMD के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास डीप डिप्रेशन के रूप में तट पार कर सकता है.
वहीं, स्काईमेट की एक रिपोर्ट में जेटीडब्ल्यूसी के हवाले से इसे चक्रवाती तूफान कहा गया है. अगर यह सिस्टम आधिकारिक तौर पर चक्रवात बनता है, तो उसका नाम अर्नब होगा. हालांकि अभी तक इसे चक्रवात नहीं कहा गया है.
स्काईमेट के अनुसार 23 से 27 सितंबर के बीच आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकता है. इसका प्रभाव मध्य और पूर्वी भारत के दूसरे हिस्सों तक देखने को मिल सकता है.
झारखंड और बंगाल में क्या होगा असर?
पश्चिम बंगाल इस सिस्टम के प्रभाव वाले प्रमुख राज्यों में है. डीप डिप्रेशन का तटीय इलाकों के करीब पहुंचने से इस सिस्टम का असर पश्चिम बंगाल में बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है.
दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. कोलकाता समेत कई जिलों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
तट पार करने के बाद सिस्टम कमजोर जरूर होगा, लेकिन इसके बचे हुए प्रभाव के कारण पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी रह सकता है. पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है.
डीप डिप्रेशन के आगे बढ़ने के साथ झारखंड में भी बारिश बढ़ने का अनुमान है. कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है.
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Arnab Toofan : बिहार-UP में क्या होगा असर?
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका असर मुख्य रूप से बारिश बढ़ने के रूप में देखने को मिल सकता है. मौजूदा पूर्वानुमानों में इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
सिस्टम के कमजोर होकर जमीन के ऊपर आगे बढ़ने के बावजूद नमी मिलने से कुछ इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.
खासकर बिहार के उन इलाकों में, जहां पहले से बारिश हो रही है, स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या बढ़ सकती है. हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी.
बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचते-पहुंचते सिस्टम के कमजोर होने की संभावना है. इसलिए इन राज्यों में मुख्य खतरा चक्रवाती हवाओं से ज्यादा भारी बारिश होने की संभावना है. यानी ‘अर्नब’ अगर चक्रवात बनता भी है, तो बिहार और यूपी में उसका असर तटीय आंध्र या ओडिशा जैसा नहीं होगा.
kal ka mausam : अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
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तो क्या डीप डिप्रेशन बनेगा अर्नब तूफान?
यह सबसे अहम सवाल है कि अभी ‘अर्नब’ नाम के चक्रवात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. आईएमडी की 23 सितंबर की दोपहर की जानकारी के मुताबिक सिस्टम डीप डिप्रेशन है और इसके 23 सितंबर की रात उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना है. इसलिए फिलहाल बिहार, यूपी, झारखंड और बंगाल के लिए मुख्य चिंता चक्रवाती हवा नहीं, बल्कि सिस्टम के असर से होने वाली भारी बारिश और गरज-चमक है.