एशियन गेम्स के लिए ट्रायल दे सकेंगी पहलवान विनेश फोगाट:सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दी, कहा-आप शानदार रेसलर, लेकिन देश सबसे पहले; कल से ट्रायल्स

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सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा की ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल की अनुमति दे दी है। 28 मई को रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI ) ने फोगाट का ट्रायल रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, जिसे जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच ने ठुकरा दिया। ये ट्रायल 30 व 31 मई को दिल्ली में होने हैं। इन ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर इसी साल सितंबर में जापान में होने वाली एशियन गेम्स में खिलाड़ियों का चयन होगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को दिए आदेश में विनेश फोगाट को चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी थी। इसी फैसले को WFI ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, ‘आप शानदार रेसलर हैं, आपने देश को गर्व महसूस कराया है, लेकिन देश पहले है। हाईकोर्ट पूरे शेड्यूल को बाधित नहीं कर सकता। फिलहाल एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जाती है। मामले की सुनवाई जारी रहेगी और नियमों से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।’ इससे पहले, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था- ट्रायल की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। इसे पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा नियुक्त स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की निगरानी में कराया जाए। अब पढ़िए, कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं… डब्ल्यूएफआई के वकील: यह बेहद गंभीर मामला है। हाईकोर्ट का फैसला खुली अदालत में नहीं सुनाया गया और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। विनेश ने डोपिंग टेस्ट और ‘वेयरअबाउट्स’ यानी अपनी लोकेशन की जानकारी देने जैसे जरूरी नियमों का पालन नहीं किया। आईटीए ने उन्हें लिखित रूप से बताया था कि वे 1 जनवरी 2026 से पात्र होंगी, लेकिन नियमों की अनदेखी के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। कोर्ट: आप कोई साधारण खिलाड़ी नहीं हैं और देश के लिए उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन नियम सबके लिए समान होते हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी खिलाड़ी की पात्रता पर सवाल उठते हैं तो उसका असर देश की छवि पर पड़ता है। अदालतों को खेल चयन और ट्रायल प्रक्रिया में जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है। माधवी दीवान (विनेश की वकील): मैं किसी विशेष रियायत या छूट की मांग नहीं कर रही हूं। मेरी सिर्फ यही मांग है कि एक निष्पक्ष और उचित अवसर दिया जाए। अगर यह मौका छूट गया तो करियर पर असर पड़ सकता है। हाल ही में मां बनने के बावजूद किसी तरह की सहानुभूति नहीं चाहतीं, बल्कि अपनी क्षमता के आधार पर ट्रायल में भाग लेना चाहती हैं। कोर्ट: हम इस बहस में नहीं पड़ना चाहते कि मौजूदा स्थिति की वजह गर्भावस्था है या नहीं। लेकिन यह जरूर देखना होगा कि किसी खिलाड़ी को बिना उचित अवसर दिए बाहर करना सही नहीं होगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस स्तर पर राहत वापस लेना भी उचित नहीं दिखता। डब्ल्यूएफआई: विनेश ने छूट के लिए कभी आवेदन नहीं किया। चयन प्रक्रिया पहले से चल रही है और अन्य खिलाड़ी लगातार अभ्यास कर रहे हैं। एशियन गेम्स के लिए संभावित खिलाड़ियों के नाम भी भेजे जा चुके हैं। नियम सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं और अन्य मां बनी खिलाड़ी भी इसी प्रक्रिया का पालन कर रही हैं। दीवान: पहले हमेशा प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए छूट दी जाती रही है, लेकिन फरवरी में अचानक नीति बदल दी गई। महिलाओं को मातृत्व के कारण स्वाभाविक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 12 महीने में तीन बार नियम चूकने पर कार्रवाई होती है, जबकि विनेश के मामले में ऐसी स्थिति नहीं बनी है। इसलिए उन्हें मौका मिलना चाहिए। कोर्ट: हमें आज संतुलन बनाते हुए फैसला लेना होगा। विनेश ने देश को गौरवान्वित किया है और फिलहाल उन्हें एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दी जाती है। हालांकि मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा विवाद क्या… डब्ल्यूएफआई ने एंटी-डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले एथलीटों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि का हवाला देते हुए फोगाट को 26 जून, 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। कुश्ती महासंघ ने लिखा था- विनेश ने संन्यास से वापसी के लिए छह महीने पहले सूचना नहीं दी। इससे WFI संविधान, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) नियमों तथा एंटी-डोपिंग प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। WFI ने आगे कहा- उनके व्यवहार से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा और राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हुई। साथ ही विनेश से चार प्रमुख आरोपों पर जवाब मांगा था। साथ ही पूछा था कि कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

दिल्ली हाईकोर्ट से मिली थी विनेश फोगाट को राहत इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीजन बेंच ने विनेश के पक्ष में फैसला सुनाया था। कोर्ट विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने सिंगल बेंच के अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी। सिंगल जज बेंच ने उनकी याचिका पर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। विनेश फोगाट ने अपनी याचिका में WFI की चयन नीति और उन्हें जारी किए गए शो-कॉज नोटिस को चुनौती दी थी। पेरिस ओलिंपिक में खेला आखिरी मुकाबला विनेश फोगाट ने 2024 में पेरिस ओलिंपिक में अपना आखिरी कुश्ती मैच खेला था। विनेश ने 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में 6 अगस्त 2024 को एक ही दिन में 3 मैच खेले थे। सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर को पटखनी दी। फाइनल खेलने से पहले वजन की जांच की गई तो उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। इसके बाद उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया। विनेश फोगाट ने 8 अगस्त 2024 को कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 12 दिसंबर 2025 को विनेश ने संन्यास वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा था कि वह 2028 में लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में हिस्सा लेना चाहती हैं। विनेश हरियाणा के जींद जिले की जुलाना सीट से कांग्रेस की विधायक हैं।
WFI के बैन लगाने पर विनेश ने वीडियो पोस्ट कर ये कहा था… पिछले डेढ़ साल से रेसलिंग मैट से दूर थी विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा- आप सब को नमस्कार। जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेसलिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीना पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो गोंडा यूपी है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ा नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। तीन साल से केस कोर्ट में पेंडिंग है विनेश ने कहा कि आज से तीन साल पहले हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उससे संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग है। 6 महिला खिलाड़ियों ने उसमें शिकायत और गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि किसी भी पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न किया जाए, क्योंकि उनकी गरिमा और मान सम्मान की बात होती है। आज कुछ मजबूरियां ऐसी है कि मैं आप सभी को कुछ बताना चाहती हूं। मैं अभी नहीं बोलना चाहती थी, क्योंकि कोर्ट में केस पेडिंग है। देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। मैं बताना चाहती हूं कि उन 6 में से एक विक्टिम मैं खुद हूं, जिन्होंने शिकायत दी थी। अब जानिए क्या है यौन उत्पीड़न का पूरा मामला… बृजभूषण पर लगाए थे यौन उत्पीड़न के आरोप 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे, जो नियमों के खिलाफ है। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद WFI के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा था। बृजभूषण बोले थे- आरोप सही हुए तो फांसी पर लटक जाऊंगा इन आरोपों पर कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण ने सफाई देते हुए कहा था- किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे। —————- यह खबर भी पढ़ें… विनेश फोगाट का ट्रायल रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा WFI: एशियन गेम्स के लिए 30-31 मई को होना है सेलेक्शन; हरियाणा अध्यक्ष बोले-खेल नियमों से चलता है भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट को ट्रायल देने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। यह सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच करेगी। (पूरी खबर पढ़ें)