Wednesday, 8 July 2026
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गुमला जेल में बंद पोक्सो आरोपी कैदी की रिम्स में मौत, मजिस्ट्रियल जांच शुरू

INT News8 July 2026 at 09:09 pm

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Gumla News: झारखंड के गुमला मंडल कारा में न्यायिक हिरासत में बंद एक कैदी की रांची स्थित रिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान घाघरा थाना क्षेत्र के कुहीपाट बरवा टोली निवासी 51 वर्षीय रंथु उरांव उर्फ रंथु भगत के रूप में हुई है. वह पोक्सो एक्ट के एक मामले में लंबे समय से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा गुमला में बंद था. कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन ने नियमानुसार कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू करा दी है.

पेट दर्द की शिकायत के बाद बिगड़ी थी तबीयत

जानकारी के अनुसार, 23 जून को रंथु उरांव ने जेल में पेट में तेज दर्द की शिकायत की थी. इसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल, गुमला में भर्ती कराया. वहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन कई दिनों तक उपचार के बावजूद उसकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने पर 30 जून को पुलिस अभिरक्षा में बेहतर इलाज के लिए उसे रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया. रिम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

मौत के बाद पूरी की गई सभी कानूनी प्रक्रिया

कैदी की मौत के बाद मंडल कारा गुमला प्रशासन ने जेल मैनुअल और निर्धारित नियमों के अनुसार सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं. घटना की सूचना संबंधित न्यायालय, जिला प्रशासन और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को भेजी गई. इसके अलावा शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ इलाज से जुड़े सभी चिकित्सीय दस्तावेज सुरक्षित रखे गए, ताकि जांच के दौरान उनकी आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके.

मजिस्ट्रियल जांच में होगी पूरे मामले की पड़ताल

जेल प्रशासन के अनुसार, कैदी की मौत के मामले में नियमानुसार मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कैदी के बीमार होने के बाद उसे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई या नहीं. साथ ही इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, अस्पताल में दी गई चिकित्सा व्यवस्था और मृत्यु के वास्तविक कारणों की भी विस्तृत जांच की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से सक्षम प्राधिकार को भेजी जाएगी. आवश्यकता पड़ने पर जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी.

जेल अधीक्षक ने की मौत की पुष्टि

मंडल कारा गुमला के जेल अधीक्षक गोपाल चंद्र महतो ने कैदी की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले में जेल मैनुअल का पालन किया गया है. उन्होंने कहा कि घटना की सूचना नियमानुसार संबंधित न्यायालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेज दी गई है. उन्होंने बताया कि कैदी के परिजनों को भी समय पर घटना की जानकारी दे दी गई थी. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को विधिवत परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया.

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जांच रिपोर्ट पर रहेगी नजर

कैदी की मौत के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मजिस्ट्रियल जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जांच में यह स्पष्ट होगा कि चिकित्सा उपचार के दौरान कहीं कोई लापरवाही हुई या नहीं और मृत्यु का वास्तविक कारण क्या था. फिलहाल जेल प्रशासन का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप पूरी की गई हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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