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भिंड नगर पालिका के CMO हटाए गए, ग्वालियर अटैच:कलेक्टर के प्रतिवेदन पर आयुक्त का आदेश; दिशा समिति की बैठक में सांसद ने कार्यशैली पर जताई थी नाराजगी
भिंड नगर पालिका के सीएमओ यशवंत वर्मा को आखिरकार भिंड से हटा दिया गया। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भौंड़वे ने उन्हें तत्काल प्रभाव से ग्वालियर संभागीय कार्यालय में अस्थायी रूप से अटैच करने के आदेश बुधवार की शाम को जारी किए हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। खास बात यह है कि कुछ दिन पहले दिशा समिति की बैठक में सांसद संध्या राय ने सीएमओ की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की बात कही थी। दिशा की बैठक में सांसद ने लगाई थी फटकार दिशा समिति की बैठक में सांसद संध्या राय ने सीएमओ यशवंत वर्मा पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा, विकास कार्यों की जानकारी न देने, कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करने और अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। बैठक में उन्होंने कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा को निर्देश दिए थे कि पूरे मामले का प्रतिवेदन नगरीय प्रशासन विभाग को भेजकर सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाए। कलेक्टर द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन के बाद आयुक्त ने यह कार्रवाई की। लगातार शिकायतों से घिरे रहे सीएमओ सीएमओ यशवंत वर्मा के खिलाफ लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्षदों और कर्मचारियों की नाराजगी सामने आ रही थी। शहर में सफाई व्यवस्था, विकास कार्यों की धीमी गति और प्रशासनिक समन्वय की कमी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। नगर पालिका में भी उनके कामकाज को लेकर विरोध का माहौल बना हुआ था। इसके साथ ही भ्रष्टाचार और हाथठेला वसूली जैसे मामलों को लेकर भी शिकायतें विभाग तक पहुंची थीं। विभागीय जांचों के बीच लिया गया फैसला विभागीय सूत्रों के अनुसार सीएमओ के खिलाफ कई मामलों की जांच पहले से चल रही है। इनमें हाथठेला वसूली, सफाई व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की पड़ताल शामिल है। माना जा रहा है कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी प्रभाव के पूरी हो सके, इसलिए उन्हें भिंड से हटाकर ग्वालियर अटैच किया गया है। सूत्र यह भी बताते हैं कि सामान्य तबादला सूची जारी होने की स्थिति में न्यायालयीन चुनौती की संभावना को देखते हुए विभाग ने कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर यह प्रशासनिक कार्रवाई की। अब नए सीएमओ को लेकर चर्चाओं का दौर सीएमओ के हटने के बाद नगर पालिका में नए अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। शहर में चर्चा है कि विभाग जल्द नए सीएमओ की पदस्थापना कर सकता है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि फिलहाल किसी अन्य प्रशासनिक अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा जा सकता है। हालांकि विभाग की ओर से नए सीएमओ की नियुक्ति को लेकर अभी कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।