समाचार · मध्य प्रदेश
दमोह में 141 अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन कटा:सार्थक ऐप से अटेंडेंस न लगाने पर कलेक्टर ने की कार्रवाई
दमोह जिले में सार्थक ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की गई है। बुधवार को कलेक्टर के निर्देश पर जिले के 141 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन काटा गया है। डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था में की गई इस कार्रवाई के दायरे में स्वास्थ्य विभाग समेत जिले के सभी सरकारी विभागों के कर्मचारी आए हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि क्षेत्र में फील्ड विजिट के दौरान उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि डॉक्टर, उनका पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तय समय पर अपने कार्यालयों में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ये लोग सार्थक ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज (चेक-इन और चेक-आउट) नहीं कर रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी सरकारी कार्यालयों में सार्थक ऐप के माध्यम से डिजिटल अटेंडेंस को जरूरी और प्रभावी रूप से लागू करवाया। कलेक्टर ने बताया कि इस सख्ती के अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं और कर्मचारी समय पर दफ्तरों व अस्पतालों में पहुंचकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जितने दिन गैरहाजिर, उतने दिन का कटा वेतन सार्थक ऐप के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करने के बाद 141 अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति के दिनों का सत्यापन किया गया। इसके बाद नियम के तहत जितने दिन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, उतने दिनों का वेतन काटते हुए केवल शेष दिनों के वेतन का भुगतान किया गया है। इसके साथ ही सभी को चेतावनी दी गई है कि वे समय पर चेक-इन और चेक-आउट करें और जनता को निर्धारित समय तक सेवाएं दें। मरीजों और नागरिकों की परेशानी बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि विशेषकर अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ के देर से पहुंचने या गायब रहने के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं और आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद सभी शासकीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराई जाएगी और सभी कर्मचारी समय का पूरा पालन करेंगे।