Wednesday, 5 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

national

15 अगस्त के 'एट होम' समारोह का अनोखा निमंत्रण पत्र, इन राज्यों की लोक कला की दिखी झलकियां

INT News4 August 2026 at 10:21 pm

Rashtrapati Bhavan Invitation Card : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन के लिए राष्ट्रपति की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र इस बार अपनी अनूठी थीम और भारतीय लोक कला की झलक के कारण चर्चा में हैं. इस वर्ष के निमंत्रण और रिसेप्शन की थीम छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की जीवंत कला परंपराओं पर आधारित है. निमंत्रण पत्र से लेकर स्मृति-उपहार तक में इन राज्यों की सांस्कृतिक पहचान को खूबसूरती से उकेरा गया है. इसका उद्देश्य देश की समृद्ध हस्तशिल्प और लोक कला विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देना है.

निमंत्रण पत्र में क्या है खास?

निमंत्रण किट में राष्ट्रपति भवन की आकृति वाला विशेष डिजाइन, पारंपरिक कलाकृतियों से सजा फोल्डर, हस्तनिर्मित सजावटी प्लेटें, कलात्मक शोपीस और स्थानीय बुनकरों द्वारा तैयार किया गया पारंपरिक गमछा शामिल है. तस्वीरों में छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, गोवा के नीले-सफेद सिरेमिक शैली के दृश्य, मध्य प्रदेश की लोक चित्रकारी और महाराष्ट्र की पारंपरिक शिल्पकला की स्पष्ट झलक दिखाई देती है. राष्ट्रपति भवन की नक्काशी वाली लकड़ी की स्मृति पट्टिका भी इस विशेष किट का हिस्सा है, जो इसे और आकर्षक बनाती है.

वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा

हर वर्ष राष्ट्रपति भवन स्वतंत्रता दिवस के ‘एट होम’ समारोह के लिए किसी न किसी भारतीय सांस्कृतिक परंपरा या हस्तशिल्प थीम को प्रमुखता देता है. इस बार चुनी गई चार राज्यों की कला परंपराएं न केवल उनकी सांस्कृतिक पहचान को सामने लाती हैं, बल्कि देश के शिल्पकारों और लोक कलाकारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का संदेश देती हैं. निमंत्रण की पूरी प्रस्तुति ‘वोकल फॉर लोकल’ और भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की सोच को भी दर्शाती है.

किन्हें भेजा जाता है राष्ट्रपति भवन के 'एट होम' समारोह का निमंत्रण?

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले 'एट होम' समारोह का निमंत्रण देश के विशिष्ट और सम्मानित लोगों को भेजा जाता है. इनमें उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, भारत के मुख्य न्यायाधीश, राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक व सैन्य अधिकारी, विभिन्न देशों के राजदूत और उच्चायुक्त शामिल होते हैं. इसके अलावा पद्म पुरस्कार विजेता, कलाकार, वैज्ञानिक, खिलाड़ी, सामाजिक कार्यकर्ता, पारंपरिक कारीगर, पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि, 'अनसंग हीरोज' और स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को भी आमंत्रित किया जाता है.

Also read : 70 साल से ज्यादा उम्र है, फिर भी नहीं मिलेगा आयुष्मान वय वंदना का लाभ? पहले जान लें ये जरूरी नियम