Wednesday, 5 August 2026
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उत्तराखंड में 17 राजनीतिक दलों को रजिस्टर्ड पार्टियों की लिस्ट से हटाया गया, वजह और नाम क्या?

INT News4 August 2026 at 11:48 pm

निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में पंजीकृत पार्टियों की सूची से 17 गैर-मान्यता प्राप्त दलों को हटा दिया है। उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सूची से हटाए गए इन दलों में वे दल शामिल हैं, जिन्होंने 2019 के बाद कोई लोकसभा और विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा। न ही फिजिकल वैरिफिकेशन के दौरान इनके कार्यालयों का कोई पता मिला।इन 11 दलों को सूची से हटाया गयासूत्रों ने बताया कि सूची से हटाए गए 11 दलों में भारत र्कौमी दल-हरिद्वार, भारत परिवार पार्टी-हरिद्वार, भारतीय सम्राट सुभाष सेना-हरिद्वार, पीपल्स पार्टी- हरिद्वार, भारतीय मूल निवासीदे समाज पार्टी- देहरादून, भारतीय अंत्योदय पार्टी- देहरादून, भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी-देहरादून, गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट-देहरादून, प्रजातंत्र पार्टी आफ इंडिया-नैनीताल, सुराज सेवा दल-हल्द्वानी और उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी- देहरादून शामिल हैं।अगस्त 2025 में ये 6 दल हटाए गए थेसूत्रों के मुताबिक, इससे पहले अगस्त 2025 में निर्वाचन आयोग ने छह अन्य दलों को सूची से हटाया था। इन दलों में भारतीय जनक्रांति पार्टी- देहरादून, भारतीय जनमंच पार्टी- देहरादून, मैदानी क्रांति दल- देहरादून, प्रजामंडल पार्टी- पौड़ी गढ़वाल और राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी- हरिद्वार और राष्ट्रीय जनसहाय दल-देहरादून शामिल हैं।अपने नाम और चुनाव चिन्ह के साथ नहीं लड़ सकेंगे चुनावनिर्वाचन आयोग की सूची से हटाए जाने के बाद ये दल अब पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का दर्जा भी नहीं रखेंगे। ऐसे में वे अपने नाम और चुनाव चिह्न के साथ राजनीतिक दल के रूप में चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।यदि भविष्य में इनसे जुड़े नेता चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें या तो किसी अन्य मान्यता प्राप्त या पंजीकृत दल के टिकट पर मैदान में उतरना होगा या फिर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना होगा। आयोग की इस कार्रवाई का उद्देश्य निष्क्रिय राजनीतिक दलों की सूची को अद्यतन करना और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है।