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दिल्ली जंतर-मंतर में छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध:जालंधर में भारतीय मूलवासी मुक्ति मोर्चा ने किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच कराने की मांग
नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की गूंज अब पंजाब में भी सुनाई देने लगी है। इस बर्बर कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को जालंधर के ऐतिहासिक डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर भारतीय मूलवासी मुक्ति मोर्चा (BM3) के बैनर तले विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा प्रदर्शन में संगठन के प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भारी संख्या में शिरकत की। संवैधानिक अधिकारों की हत्या का आरोप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मोर्चा के मुख्य नेताओं ने जंतर-मंतर की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस तरह से बल प्रयोग करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की हत्या है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग एक स्वस्थ लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार संवाद कायम करने के बजाय लाठियों के दम पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय कमेटी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही निर्दोष छात्रों पर लाठियां भांजने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। छात्रों को प्रताड़ित करने के बजाय केंद्र सरकार तुरंत उनसे वार्ता करे और उनकी सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान निकाले।