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पटना में टला रेल हादसा, स्टेशन मास्टर और पोर्टर की सूझबूझ से पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस डिरेल होने से बची

Patna Howrah Jan Shatabdi Express: पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के बख्तियारपुर-अथमलगोला रेलखंड पर मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया. अथमलगोला स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर और पोर्टर मिलन कुमार की सतर्कता एवं सूझबूझ से पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस संभावित दुर्घटना का शिकार होने से बच गई. समय रहते तकनीकी गड़बड़ी की आशंका होने पर रेलवे कर्मियों ने त्वरित कार्रवाई कर ट्रेन को सुरक्षित आगे बढ़ाया.
ट्रेन के पहियों से आ रही थी तेज आवाज
गाड़ी संख्या 12024 पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस बख्तियारपुर स्टेशन से निर्धारित समय से 10 मिनट की देरी से खुलने के बाद तेज गति से अथमलगोला स्टेशन से गुजर रही थी. इस दौरान स्टेशन मास्टर और पोर्टर मिलन कुमार ट्रेन को थ्रू सिग्नल के तहत हरी झंडी दिखा रहे थे. तभी मिलन कुमार ने देखा कि ट्रेन के पहियों से तेज आवाज आ रही है और ट्रैक की रोड़ी उड़कर प्लेटफॉर्म पर गिर रही है. इससे उन्हें किसी तकनीकी गड़बड़ी की आशंका हुई.
लाल झंडी दिखाकर रोकने का किया प्रयास
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पोर्टर ने तत्काल लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया. हालांकि ट्रेन काफी आगे निकल चुकी थी, जिससे गार्ड स्पष्ट रूप से संकेत नहीं देख सके. इसके बाद स्टेशन मास्टर ने तत्काल वॉकी-टॉकी के माध्यम से गार्ड से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी.
अचुआरा हॉल्ट पर रोकी गई ट्रेन
सूचना मिलने के बाद ट्रेन को आगे अचुआरा हॉल्ट स्टेशन पर रोका गया, जहां गार्ड और लोको पायलट ने उसकी जांच की. प्रारंभिक जांच में ट्रेन में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी नहीं मिली. लोको पायलट और गार्ड को ट्रेन की एयर ब्रेक प्रणाली भी सामान्य मिली. करीब पांच मिनट तक रुकने के बाद ट्रेन को आगे बढ़ा दिया गया.
ट्रैक के फास्टनिंग पार्ट में मिली खराबी
बाद में अथमलगोला स्टेशन के समीप डाउन लाइन के पोल संख्या 489/12 के पास ट्रैक की जांच की गई. जांच में पाया गया कि पटरियों को स्थिर रखने वाला एक लोहे का प्लेट (फास्टनिंग पार्ट) खुल गया था, जिसके कारण ट्रैक में कंपन हो रहा था और रोड़ी उड़ रही थी. यदि समय रहते इसकी पहचान नहीं होती तो यह संभावित दुर्घटना का कारण बन सकता था.
पीडब्ल्यूआई टीम ने किया मरम्मत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूआई की टीम मौके पर पहुंची और संबंधित हिस्से की तत्काल मरम्मत कर ट्रैक को सुरक्षित बनाया. आवश्यक तकनीकी जांच पूरी होने के बाद पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस को उसके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया. रेलवे कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा रेल हादसा टल गया.