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रांची के जोन्हा फॉल का बदलेगा भूगोल, अंतरराष्ट्रीय इको टूरिज्म हब बनाने की तैयारी, होगा नया सेल्फी पॉइंट

रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट
Ranchi Jonha Fall, रांची : झारखंड सरकार जहां एक तरफ दिल्ली में ‘नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन’ के जरिए राज्य के पर्यटन विकास का बड़ा विजन तैयार कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर भी इसके लिए काम शुरू हो गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विशेष निर्देश पर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की एक हाई-प्रोफाइल टीम शुक्रवार को रांची के जोन्हा फॉल (गौतमधारा जलप्रपात) पहुंची. विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF – हॉफ) संजीव कुमार के नेतृत्व में अधिकारियों ने जोन्हा फॉल का बारीकी से निरीक्षण किया और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के ‘इको टूरिज्म साइट’ के रूप में चमकाने की तैयारी शुरू कर दी है.
जोन्हा फॉल की हर एक व्यवस्था बदलेगी
वन विभाग के वरीय अधिकारियों की टीम ने जोन्हा जलप्रपात के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उन सभी मूलभूत सुविधाओं और बदलावों की सूची तैयार की, जो एक विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के लिए जरूरी हैं. टीम ने मुख्य रूप से फॉल तक जाने वाले पहुंच मार्ग (रास्ते) को बेहतर बनाने, पर्यटकों के साथ-साथ वन्य जीवों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और आधुनिक पार्किंग, नए व्यू-पॉइंट (सेल्फी पॉइंट), शुद्ध पेयजल और हाईटेक शौचालयों के निर्माण का निर्देश दिया. इसके अलावा विश्राम स्थल, नए साइन बोर्ड (साइनज) और कचरा प्रबंधन (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) की व्यवस्था पर बात की. साथ ही जोन्हा फॉल के प्राकृतिक सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं का भी विस्तृत अवलोकन किया गया ताकि फॉल की खूबसूरती को बिना नुकसान पहुंचाए पर्यटकों को लुभाया जा सके.
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जल्द बनेगी डीपीआर
पीसीसीएफ संजीव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की साफ मंशा है कि जोन्हा जलप्रपात का विकास प्रकृति, जंगल और जैव विविधता (Bio-diversity) को बिना कोई नुकसान पहुंचाए किया जाए. उन्होंने कहा कि “इको-टूरिज्म के इस बड़े प्रोजेक्ट में संयुक्त वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सबसे जरूरी होगी. यहां आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय वनोत्पाद (जंगल के उत्पाद) और आदिवासियों के पारंपरिक हस्तशिल्प (Handicraft) के प्रदर्शन और बिक्री के लिए विशेष बाजार या स्टॉल बनाए जाएंगे. इससे इलाके के युवाओं और महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतरीन नए अवसर मिलेंगे.” संजीव कुमार ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जोन्हा जलप्रपात के इस पूरे कायाकल्प के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना (DPR) जल्द से जल्द तैयार कर विभाग को सौंपें ताकि काम शुरू किया जा सके.
निरीक्षण टीम में शामिल रहे वन विभाग के ये अधिकारी
जोन्हा फॉल के इस अहम दौरे पर वन विभाग की पूरी कोर टीम मौजूद थी. इस टीम में पीसीसीएफ (वन्य प्राणी) रवि रंजन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) डी. वेंकटेश्वर लू, इको टूरिज्म अथॉरिटी के निदेशक एस.आर. नटेश, पी.आर. नायडू, डीएफओ (DFO) श्रीकांत वर्मा सहित संयुक्त वन प्रबंधन समिति के कई सदस्य और स्थानीय अधिकारी मुख्य रूप से शामिल रहे.
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