Saturday, 4 July 2026
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सीएम बोले- सोठी आश्रम मानवता और सेवा का सच्चा केंद्र:जमकर की तारीफ, कुष्ठ रोगियों के लिए इलाज के साथ आत्मनिर्भरता का बना मॉडल

INT News3 July 2026 at 10:53 pm

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जांजगीर-चांपा जिले के सोठी (कात्रेनगर) स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम का दौरा किया और यहां चल रही सेवाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने आश्रम को “मानवता और सेवा का सच्चा केंद्र” बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुष्ठ रोग सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव की भी समस्या है, और ऐसे लोगों को सम्मान और आत्मनिर्भरता देना समाज की बड़ी जिम्मेदारी है। सीएम ने परिसर में स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया और कहा कि किसी व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़ा करना ही सबसे बड़ी सेवा है। सीएम ने कहा, सोठी आश्रम आज एक ऐसा मॉडल बनकर सामने आया है, जो दिखाता है कि असली विकास वही है जिसमें सबसे कमजोर और जरूरतमंद लोगों को भी सम्मान, सहारा और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिले। सोठी आश्रम बना आत्मनिर्भरता का मॉडल बतादें कि कुष्ठ रोग के मरीजों के पुनर्वास की चुनौती के बीच भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम एक ऐसे मॉडल के रूप में सामने आया है, जहां मरीजों का सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि उन्हें रहने की जगह, काम सीखने की ट्रेनिंग और आत्मनिर्भर बनने का मौका भी दिया जाता है। करीब 60 साल पुराना यह आश्रम अब सिर्फ अस्पताल नहीं, बल्कि पुनर्वास और सामाजिक सहयोग का केंद्र बन चुका है। इसकी शुरुआत 5 अप्रैल 1962 को समाजसेवी स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे ने की थी। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोगियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक जीवन देना रहा है। आश्रम में 20 बिस्तरों का अस्पताल है, जहां मरीजों को मुफ्त इलाज, दवा, भोजन, कपड़े और रहने की सुविधा दी जाती है। यहां लैब और एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहां 75 मरीज रह रहे हैं और करीब 120 लोग उनकी सेवा में लगे हैं। यहां मरीजों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खेती, बागवानी, सिलाई, चॉक और कालीन निर्माण, रस्सी बनाना, कंप्यूटर, वेल्डिंग और ड्राइविंग जैसे कौशल भी सिखाए जाते हैं। साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान दिया जाता है। आश्रम समय-समय पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविर भी लगाता है। अब तक यहां 10 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए जा चुके हैं। हाल ही में लगाए गए शिविर में 300 से ज्यादा लोगों की जांच की गई और गंभीर बीमारियों को लेकर जागरूकता भी दी गई।