Sunday, 12 July 2026
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'छात्रों की गूंज' में शिक्षा व्यवस्था पर गरजे कवि:पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य पर उठाए सवाल, कविताओं के जरिए बुलंद हुई आवाज

INT News12 July 2026 at 09:11 pm

ग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी अभियान "छात्रों की गूंज" के तहत रविवार शाम ग्वालियर के 15 विधानसभा क्षेत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी ओजपूर्ण, व्यंग्यात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, बढ़ती बेरोजगारी और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देशभर में बार-बार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों का विश्वास तोड़ा है। वर्षों तक कठिन परिश्रम करने वाले छात्र जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े होने लगते हैं तो उनके भविष्य और मनोबल दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के एटा से आईं कवयित्री योगिता चौहान ने अपनी कविता के माध्यम से वर्तमान परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा— "देश में ये कैसा मातम छा रहा है। किस दिशा से ये अंधेरा आ रहा है। क्यों घिनौने खेल सत्ता खेलती है। साजिशें तो सिर्फ जनता झेलती है। कितने छात्रों का जनाजा जा रहा है। किस दिशा में देश जा रहा है।

वहीं रीवा के कवि अमित शुक्ला ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को अपनी कविता में प्रमुखता से उठाते हुए कहा— "नीट परीक्षा लीक होने से जो बच्चे फांसी पर झूल गए,

तुम ही बताओ उन बच्चों का हत्यारा कौन है?" कार्यक्रम में कवि अजय अंजाम (औरैया), अर्जुन अल्लड़ (कोटा, राजस्थान), अरविंद पोटा (मुरैना) और हेमंत शर्मा ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कई कविताओं में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की गई। अभियान का उद्देश्य छात्रों तक आवाज पहुंचना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए "छात्रों की गूंज" अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में "छात्रों की गूंज" अभियान का उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को समाज और सरकार तक पहुंचाना तथा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक व्यापक जनजागरण अभियान है। भारतीय युवा कांग्रेस छात्रों के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने छात्रों और युवाओं से इस अभियान से जुड़ने तथा अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से बुलंद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्रों और युवाओं ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कविता के माध्यम से अपनी बात रखने वाले कवियों की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा।