समाचार · मध्य प्रदेश
रामघाट की शिप्रा आरती पर विवाद:तकत हटाने के नोटिस का तीर्थ पुरोहितों ने किया विरोध
उज्जैन के रामघाट पर शिप्रा आरती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। श्री क्षेत्र पांडा समिति ने आरोप लगाया है कि पुलिस और नगर निगम प्रशासन आरती बंद कराने की कोशिश कर रहा है। समिति के राजेश त्रिवेदी के अनुसार, पहले आरती के माइक जब्त किए गए और अब आरती में उपयोग होने वाले लकड़ी के तकत को हटाने का नोटिस दिया गया है। महाकाल थाना पुलिस द्वारा जारी नोटिस में तकत को अवैध अतिक्रमण बताया गया है। इसमें तत्काल तकत हटाने के निर्देश दिए गए हैं और चेतावनी दी गई है कि ऐसा न करने पर नगर निगम द्वारा इसे जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि शिप्रा आरती में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु नदियों को प्रदूषित न करने का संकल्प लेते हैं। उनका कहना है कि माइक जब्त होने से आरती पहले ही प्रभावित हुई थी, और अब तकत हटाने की कार्रवाई से आरती को पूरी तरह बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में रविवार को श्री क्षेत्र पंडा समिति के बैनर तले तीर्थ पुरोहित रामघाट पर एकजुट हुए। उन्होंने बैठक कर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और आगे की रणनीति पर चर्चा की। तीर्थ पुरोहितों का तर्क है कि तकत पर खड़े होकर आरती करने से दूर-दूर तक मौजूद श्रद्धालु भी आसानी से आरती के दर्शन कर पाते हैं। यदि तकत हटा दिया जाता है, तो श्रद्धालुओं को आरती देखने में कठिनाई होगी। महाकाल थाना द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि रामघाट पर रखे लकड़ी के तकत और लोहे की टेबल को अवैध अतिक्रमण माना गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख है कि लगातार वर्षा के कारण शिप्रा नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में इन वस्तुओं को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा इन्हें जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।