Wednesday, 15 July 2026
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पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया से नौ लोगों की मौत, 83 नये संक्रमित मिले

INT News15 July 2026 at 09:47 am

East Singhbhum Malaria News: पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थानांतर्गत हेंदलजुड़ी पंचायत के केंदडांगा टोला में मलेरिया से 14 वर्षीय किरण हांसदा की मौत हो गयी. जिले में मलेरिया से अबतक नौ लोगों की मौत हो चुकी है. किशोरी किरण हांसदा राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, काकड़ीशोल में कक्षा आठवीं की छात्रा थी. स्वास्थ्य सहिया शुरुवाली मुर्मू ने बताया किरण हांसदा धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में अपने रिश्तेदार के पास रह रही थी. रविवार को परिजन हेंदलजुड़ी केंदडांगा लेकर आये थे. बच्ची के पिता काड़ो हांसदा ने बताया कि किरण की तबीयत बिगड़ने पर सोमवार को उसे घाटशिला स्थित स्वर्णरखा नर्सिंग होम ले जाया गया था. वहां गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया. इसके बाद उसे पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लेकर पहुंचे. वहां सोमवार रात करीब आठ बजे किरण ने दम तोड़ दिया. अस्पताल के दस्तावेज में उसकी मृत्यु का मुख्य कारण मलेरिया सेप्सिस दर्ज किया गया है.

सबसे अधिक 22-22 मरीज डुमरिया और पोटका में मिले, दूसरे नंबर पर घाटशिला

पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत लगातार सघन सर्विलांस, जांच, इलाज एवं वेक्टर नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. जिले में मंगलवार को 11 हजार 362 लोगों की जांच की गयी, जिसमें 83 लोग मलेरिया पॉजिटिव पाये गये. इसके साथ ही 29 जून से 14 जुलाई 2026 तक कुल 1,30,380 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गयी जिसमें 2,072 पॉजिटिव मरीज पाये गये है. वहीं मंगलवार को डुमरिया और पोटका में 22-22 नये मरीज मिले, घाटशिला में 10, मुसाबनी 9, धालभूमगढ़ 7, सदर अस्पताल 7, पटमदा में 6 नये मलेरिया संक्रमित मिले. एमजीएम अस्पताल मे इस समय आठ मलेरिया के मरीजों का इलाज चल रहा है जिसमें एक की स्थिति गंभीर बतायी जा रही है.

10 डॉक्टर सहित 27 कर्मचारियों को नोटिस, वेतन रोकने का निर्देश

जिले में तेजी से मलेरिया बीमारी व डेंगू की रोकथाम को लेकर जहां जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग लगातार काम कर रहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी व डॉक्टर ड्यूटी से नदारद रह रहे हैं. इसकी शिकायत मिलने पर मंगलवार को सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल के निर्देश पर शहरी स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया. मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्नीनिक, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लक्ष्मीनगर व मानगो के डॉक्टर, कर्मचारी, एएनएम, गार्ड, सफाईकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों को शोकॉज करते हुए वेतन रोकने का आदेश दिया गया है. इनमें 10 डॉक्टर, चार एएनएम, लैब टेक्नीशियन तीन, फार्मासिस्ट एक, जीएनएम एक, सहायक कर्मचारी तीन, होम गार्ड एक, एमपीडब्ल्यू दो व दो गार्ड शामिल हैं. कुल 27 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी करते हुए एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश सिविल सर्जन ने दिया है. सभी से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है. जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर सेवा समाप्त करने के लिए लिखा जायेगा.

मलेरिया का फैलाव लापरवाही का नतीजा : सीएस

सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने कहा कि ऐसे समय में यदि स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर व कर्मचारी मौजूद नहीं रहते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया के फैलाव के पीछे स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही भी एक बड़ा कारण है.

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