Wednesday, 15 July 2026
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18 दिन से अनशन पर सोनम वांगचुक को अखिलेश का खुला समर्थन, फोन कर की अनशन तोड़ने की अपील

INT News15 July 2026 at 10:45 am

UP News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को समाजवादी पार्टी का खुला समर्थन मिल गया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले अपने सांसद पुष्पेंद्र सरोज और प्रिया सरोज को आंदोलन स्थल भेजा, इसके बाद फोन पर वांगचुक से बातचीत कर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया. उन्होंने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल अनशन समाप्त करने और कुछ समय स्वास्थ्य लाभ लेने का आग्रह किया.

18 दिनों से अनशन पर, स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

नीट परीक्षा में कथित धांधली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मांगों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन कर रही है. इसी आंदोलन के मंच से सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से आमरण अनशन पर हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने भोजन और पानी का त्याग कर रखा है, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है. बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि देश को वांगचुक के नैतिक नेतृत्व की जरूरत है. उन्होंने अपील की कि वह जनहित में अनशन समाप्त कर कुछ समय स्वास्थ्य लाभ लें और फिर नई ऊर्जा के साथ अपने आंदोलन को पूरे देश में आगे बढ़ाएं.

भाजपा पर साधा निशाना, NEET और राम मंदिर मामले का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि वांगचुक के नेतृत्व में जनआंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा सकता है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है. अपने बयान में उन्होंने नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनके अनुसार, चिकित्सा व्यवस्था और धार्मिक आस्था दोनों समाज के विश्वास से जुड़े विषय हैं और ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है.

'लोकतांत्रिक छवि पर पड़ रहा असर', X पर भी की थी अपील

अखिलेश यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दुनिया भर में चिंता जताई जा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की लोकतांत्रिक छवि भी प्रभावित हो रही है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण आंदोलनों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया जाना चाहिए. इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी पोस्ट कर वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की थी. उन्होंने लिखा कि वांगचुक का जीवन मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है तथा संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए उनका स्वस्थ रहना जरूरी है.

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